Pacific Industries के FY26 नतीजों पर एक नज़र: रेवेन्यू में गिरावट, टैक्स मामले बने रहेंगे चिंता का कारण
Pacific Industries Ltd. ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड फाइनेंशियल नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में उसके रेवेन्यू (Top-line) और मुनाफे (Bottom-line) दोनों में भारी कमी आई है।
standalone रेवेन्यू का हाल
पूरे साल का स्टैंडअलोन रेवेन्यू घटकर ₹154.47 करोड़ रह गया, जो पिछले फिस्कल ईयर में ₹244.45 करोड़ था। चौथी तिमाही (Q4) में भी रेवेन्यू में बड़ी गिरावट देखी गई, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹59.61 करोड़ से 35.36% घटकर ₹38.53 करोड़ पर आ गया।
मुनाफे पर भी असर
मुनाफे की बात करें तो, 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹1.96 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹4.45 करोड़ से काफी कम है। चौथी तिमाही में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 58.07% गिरकर ₹0.87 करोड़ पर पहुँच गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹2.07 करोड़ था।
कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट की बात करें तो, पूरे साल के लिए यह ₹1.99 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹4.56 करोड़ था। वहीं, चौथी तिमाही में कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 84.03% की भारी गिरावट आई और यह ₹0.37 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹2.31 करोड़ था।
MAT क्रेडिट का सहारा
हालांकि, कंपनी ने ₹0.90 करोड़ के MAT (Minimum Alternate Tax) क्रेडिट को रिकॉग्नाइज किया है, जिससे नेट प्रॉफिट को कुछ हद तक सहारा मिला है।
टैक्स और IEPF के मुद्दे
कंपनी टैक्स अथॉरिटीज के निशाने पर रही है। फरवरी 2023 में हुई सर्च और सर्वे के बाद इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) और कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (Appeals) के सामने कई मामले चल रहे हैं। इसके अलावा, कुछ फिजिकल स्क्रिप्ट्स के IEPF (Investor Education and Protection Fund) में ट्रांसफर होने का मामला भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की नजरें अब टैक्स अपीलों के नतीजों और IEPF से फिजिकल स्क्रिप्ट्स को वापस पाने की कोशिशों पर रहेंगी। साथ ही, कंपनी मैनेजमेंट की ओर से रेवेन्यू और प्रॉफिट में आई इस गिरावट को रोकने और सुधारने की रणनीति का ऐलान भी महत्वपूर्ण होगा।
