Omkar Overseas Ltd के लिए वित्तीय हालात चिंताजनक बने हुए हैं। कंपनी ने लगातार दूसरे साल जीरो रेवेन्यू रिपोर्ट किया है और उसका नेट लॉस बढ़कर **₹17.03 लाख** तक पहुंच गया है।
बिगड़ती वित्तीय स्थिति
टेक्सटाइल ट्रेडिंग कंपनी Omkar Overseas के लिए मुश्किलों का दौर जारी है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी का कामकाज पूरी तरह ठप रहा और लगातार दूसरे साल रेवेन्यू ₹0 दर्ज किया गया। कंपनी का नेट लॉस पिछले साल के ₹15.05 लाख से बढ़कर अब ₹17.03 लाख हो गया है, जबकि कुल खर्च ₹17.17 लाख तक पहुंच गए। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की नेटवर्थ गिरकर -₹37.88 लाख हो गई है।
ऑडिटर्स ने दी चेतावनी
कंपनी की बैलेंस शीट को देखते हुए स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स ने इसे 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) के तौर पर काम जारी रखने को लेकर गंभीर चिंता जताई है। कारोबार न होने और लगातार बढ़ते घाटे के कारण कंपनी का भविष्य फिलहाल अधर में लटक गया है।
शेयरहोल्डर्स का झटका
अपनी माली हालत सुधारने के लिए मैनेजमेंट ने 'कैपिटल रिडक्शन स्कीम' (Capital Reduction Scheme) का प्रस्ताव रखा था, लेकिन 27 जुलाई 2026 को हुई मीटिंग में शेयरहोल्डर्स ने इसे मंजूरी देने से इनकार कर दिया। इस फैसले ने कंपनी के सुधार की राह को और भी कठिन बना दिया है।
कानूनी पचड़ा
ऑपरेशनल दिक्कतों के अलावा, अहमदाबाद की सिटी सिविल कोर्ट में कंपनी की एक प्रॉपर्टी के टाइटल को लेकर कानूनी लड़ाई चल रही है। हालांकि कंपनी ने इस एसेट की वैल्यू को अपनी बुक्स से राइट-ऑफ (Write-off) कर दिया है, लेकिन कोर्ट में लंबित मामला अनिश्चितता की एक और वजह है। कंपनी का EPS (Earnings Per Share) इस साल -₹0.35 रहा है।
