NAPS Global India ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के लिए अपने पहले कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने इस दौरान **₹73.36 करोड़** के रेवेन्यू पर **₹2.26 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
कंसोलिडेटेड रिपोर्टिंग की शुरुआत
गारमेंट और फैब्रिक सेक्टर की कंपनी NAPS Global India ने इस बार अपनी रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने पहली बार अपने तीन नए अधिग्रहित सब्सिडियरीज—Mercaze Private Limited, Purple Impex India Private Limited, और Naps Global HK Limited के प्रदर्शन को जोड़कर कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट जारी किए हैं।
प्रमुख आंकड़े (Key Financials)
ग्रुप के स्तर पर देखें तो कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) ₹3.04 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹2.26 करोड़ पर दर्ज किया गया। कंपनी की अर्निंग पर शेयर (EPS) ₹4.38 रही है।
स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस का हाल
कंसोलिडेटेड आंकड़ों के उलट, अगर स्टैंडअलोन बेसिस पर देखें तो कंपनी के रेवेन्यू में कमी आई है। यह पिछले साल के ₹67.69 करोड़ से घटकर ₹34.96 करोड़ रह गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट भी पिछले साल की समान अवधि के ₹1.27 करोड़ से गिरकर ₹1.02 करोड़ पर आ गया है।
बोर्ड और गवर्नेंस
कंपनी के बोर्ड ने 5 नवंबर, 2026 को इन नतीजों को मंजूरी दी है। स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स ने नतीजों पर अनमॉडिफाइड ओपिनियन दिया है और कंपनी ने स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर, 2026 तक कोई भी इन्वेस्टर शिकायत पेंडिंग नहीं है। निवेशकों के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भविष्य में स्टैंडअलोन बिजनेस की तुलना में नई सब्सिडियरीज का ग्रोथ पर कितना वास्तविक असर पड़ता है।
