NAPS Global India के FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। जहां कंपनी की कुल आय **71.6%** बढ़कर **₹122.70 करोड़** पहुंच गई है, वहीं ऑपरेटिंग खर्चों के दबाव में नेट प्रॉफिट **21.1%** गिरकर **₹1.55 करोड़** पर आ गया है।
मुनाफे में गिरावट की असल वजह
कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर में टॉप-लाइन ग्रोथ तो जबरदस्त दिखाई है, लेकिन इसके साथ ही खर्चों का बोझ भी काफी बढ़ गया है। पिछले साल ₹196.03 लाख के मुकाबले इस साल नेट प्रॉफिट ₹154.71 लाख पर सिमट गया है। नतीजतन, कंपनी की अर्निंग पर शेयर (EPS) भी पिछले साल के 6.13 से घटकर 3.49 रह गई है। नेट प्रॉफिट मार्जिन भी 2.79% से कम होकर 1.26% पर आ गया है।
ऑपरेशंस और भविष्य की रणनीति
नकद राशि को सुरक्षित रखने के लिए बोर्ड ने इस बार कोई भी डिविडेंड (Dividend) न देने का फैसला किया है। कंपनी आक्रामक तरीके से अपना विस्तार कर रही है, जिसके तहत Mercaze Private Limited में 90.91% और Purple Impex India Private Limited में 99.33% हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया गया है। ग्रोथ को गति देने के लिए ईयर-एंड के बाद सहायक कंपनियों में ₹250 लाख का निवेश भी किया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
इन्वेस्टर्स को कंपनी के बढ़ते कर्ज पर नजर रखनी चाहिए। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.52 से बढ़कर 0.73 हो गया है। साथ ही, लिक्विडिटी प्रोफाइल में भी नरमी देखी गई है, जहां करंट रेशियो 3.02 से घटकर 2.22 पर आ गया है।
आगे क्या होगा?
कंपनी की 12वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 25 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। इसमें मैनेजिंग डायरेक्टर Pankaj Sunder Jain की फिर से नियुक्ति और कंपनी की कैपिटल एलोकेशन रणनीति पर शेयरहोल्डर्स वोट करेंगे।
