Mohit Industries ने जून 2026 को समाप्त तिमाही में ₹0.32 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। कंपनी के ऑडिटर ने Ind AS 19 के अनुसार कर्मचारी लाभों के प्रावधान पर सवाल उठाते हुए एक क्वालिफाइड रिपोर्ट जारी की है।
Mohit Industries को हुआ ₹0.32 करोड़ का घाटा
Mohit Industries ने जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी को इस तिमाही में ₹0.32 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। यह पिछले साल की इसी तिमाही में हुए ₹0.43 करोड़ के लॉस से थोड़ा बेहतर है। हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू में गिरावट दर्ज की गई है। जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू ₹24.93 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹32.24 करोड़ था।
ऑडिटर की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता
कंपनी के नतीजों के साथ एक अहम बात सामने आई है - ऑडिटर, राजेंदर शर्मा एंड एसोसिएट्स, ने एक क्वालिफाइड रिपोर्ट जारी की है। ऑडिटर ने कहा है कि कंपनी ने Ind AS 19 के तहत पोस्ट-एम्प्लॉयमेंट और अन्य लॉन्ग-टर्म कर्मचारी लाभों का प्रोविजन (Provision) नहीं किया है। ऑडिटर का मानना है कि यदि इस मानक का पालन किया जाता, तो कंपनी का लाभ और भी कम होता।
लागत में कटौती पर जोर
यह तिमाही घाटे के साथ जारी है, लेकिन कंपनी लागत कम करने के उपायों पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। कंपनी अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) बढ़ाने और खर्चों को नियंत्रित करने के लिए सोलर पावर (Solar Power) पर निर्भरता बढ़ा रही है।
आगे क्या?
कंपनी का मैनेजमेंट भले ही कर्मचारी लाभों के प्रोविजन न करने के प्रभाव को मामूली बता रहा हो, लेकिन निवेशक भविष्य में अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स (Accounting Standards) के अनुपालन पर बारीकी से नजर रखेंगे। कंपनी ने नए कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर (Compliance Officer) के तौर पर जतिन खरवा को नियुक्त किया है। 36वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को होनी है।
मुख्य जोखिम
ऑडिटर की क्वालिफाइड रिपोर्ट एक बड़ा जोखिम है। अगर कंपनी इस पर ध्यान नहीं देती है, तो आगे जांच या नतीजों में बदलाव की गुंजाइश बनी रहेगी। गिरता हुआ रेवेन्यू भी एक चुनौती है।
