Meyer Apparel के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) बेहद खराब रहा। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹1.2 करोड़ से गिरकर मात्र ₹8.7 लाख रह गया। हालांकि, नेट लॉस (Net Loss) में कमी आई है, लेकिन कंपनी 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) यानी संचालन जारी रखने की क्षमता पर अनिश्चितता का सामना कर रही है और उस पर ₹29.6 करोड़ का बड़ा लिटिगेशन (Litigation) भी चल रहा है।
रेवेन्यू में आई भारी गिरावट
Meyer Apparel ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) में पिछले साल के ₹1.2025 करोड़ (₹120.25 लाख) की तुलना में भारी गिरावट आई है और यह सिर्फ ₹0.0087 करोड़ (₹8.70 लाख) रह गया है। यह पिछले साल के मुकाबले 99% से भी ज्यादा की कमी है।
नेट लॉस में कमी, पर चिंताएं बरकरार
रेवेन्यू में भारी गिरावट के बावजूद, कंपनी अपने नेट लॉस (Net Loss) को कंट्रोल करने में कुछ हद तक कामयाब रही है। FY26 में नेट लॉस घटकर ₹0.788 करोड़ (₹78.80 लाख) हो गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में ₹1.0678 करोड़ (₹106.78 लाख) था। यानी नेट लॉस में करीब 26% की कमी आई है।
क्यों है ये अहम?
रेवेन्यू में यह बड़ी गिरावट और ऑडिटर्स (Auditors) द्वारा 'गोइंग कंसर्न' पर जताई गई चिंता, Meyer Apparel के लिए गंभीर वित्तीय संकट की ओर इशारा करती है। इसके अलावा, कंपनी ₹29.60 करोड़ के कस्टम ड्यूटी (Custom Duty) डिमांड का भी सामना कर रही है, जो 1994-95 के मामले से जुड़ा है और फिलहाल सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में लंबित है। मार्च 2026 तक कंपनी का एक्यूमुलेटेड लॉस (Accumulated Losses) ₹62.96 करोड़ तक पहुंच गया है और करंट लायबिलिटी (Current Liabilities) करंट एसेट (Current Assets) से ₹33.56 करोड़ ज्यादा हैं, जो कंपनी की नाजुक वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
क्या है पीछे की कहानी?
Meyer Apparel पिछले कुछ समय से प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) और ऑपरेशनल स्केल (Operational Scale) को लेकर संघर्ष कर रही है। कस्टम ड्यूटी की यह मांग 1990 के दशक के मध्य की है, जो लंबे समय से कंपनी के लिए एक संभावित देनदारी बनी हुई है।
आगे क्या?
कंपनी अपने शेयरधारकों (Shareholders) से ₹2.75 करोड़ तक का उधार लेने की सीमा बढ़ाने की मंजूरी मांग रही है, ताकि बिजनेस और वित्तीय जरूरतों को पूरा किया जा सके। यह कदम कंपनी की शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी (Short-term Liquidity) के लिए महत्वपूर्ण है।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
- गोइंग कंसर्न अनिश्चितता: ऑडिटर्स ने इसे एक महत्वपूर्ण अनिश्चितता बताया है।
- कस्टम ड्यूटी लिटिगेशन: ₹29.60 करोड़ की मांग एक बड़ा जोखिम है।
- ग्राहक एकाग्रता (Customer Concentration): FY26 के कुल रेवेन्यू का 84.14% सिर्फ एक ग्राहक से आया है।
