Maral Overseas ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹7 करोड़** रहा है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में उसे **₹2.78 करोड़** का नुकसान हुआ था। कंपनी ने अपने Sarovar Plant के लिए **₹180 करोड़** के मॉर्डनाइजेशन प्लान को भी मंजूरी दी है।
मुनाफे में दमदार वापसी
Maral Overseas ने Q2 में जबरदस्त सुधार दिखाया है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹301.30 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹249.70 करोड़ था। यह टर्नअराउंड कंपनी की सुधरती ऑपरेशनल स्थिति को दर्शाता है।
भविष्य की बड़ी तैयारी
कंपनी ने अपने पुराने Sarovar Plant को अपग्रेड करने के लिए ₹180 करोड़ के बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्रोग्राम की घोषणा की है। इसमें फैब्रिक प्रिंटिंग और मेलांग (mélange) प्रोडक्शन क्षमता को बढ़ाना शामिल है। यह काम 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए कंपनी इंटरनल एक्रुलस (internal accruals) और कर्ज का सहारा लेगी।
बिजली लागत घटाने पर जोर
एनर्जी कॉस्ट को कम करने के लिए कंपनी ने Asawata Energy में ₹3.64 करोड़ का निवेश किया है। इसके जरिए कंपनी 26% हिस्सेदारी लेगी, जो उन्हें ग्रुप कैप्टिव मॉडल के तहत सोलर पावर दिलाने में मदद करेगा।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
हालाँकि कंपनी मुनाफे में वापस आई है, लेकिन 2030 तक चलने वाले इस भारी-भरकम प्रोजेक्ट के लिए सही फाइनेंसिंग और कैश फ्लो बनाए रखना एक चुनौती हो सकती है। निवेशकों को आने वाले समय में फंडिंग स्ट्रक्चर और सोलर पावर इंटीग्रेशन की प्रोग्रेस पर नजर रखनी चाहिए।
