Mahalaxmi Fabric Mills के लिए FY26 का साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी ने **₹10.17 करोड़** का स्टैंडअलोन लॉस रिपोर्ट किया है, जबकि पिछले साल कंपनी **₹3.62 करोड़** के मुनाफे में थी। फैक्ट्री में लगी आग और बढ़ती लागत के बीच कंपनी का कर्ज भी दोगुना होकर **₹32.86 करोड़** पहुंच गया है।
आग की मार और बिगड़े फाइनेंशियल हालात
कंपनी के नतीजों में आई यह भारी गिरावट मुख्य रूप से फैक्ट्री में लगी आग का नतीजा है। इस हादसे ने मशीनरी, बिल्डिंग और इन्वेंट्री को भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे पूरे साल उत्पादन ठप रहा। मैनेजमेंट के मुताबिक, रॉ मटेरियल, बिजली और ईंधन की बढ़ती कीमतों ने मुनाफे पर अतिरिक्त दबाव बनाया है। नतीजतन, कंपनी का स्टैंडअलोन नेट लॉस ₹1,016.94 लाख रहा है।
कर्ज का बढ़ता बोझ
निवेशकों के लिए चिंता की बात कंपनी का बढ़ता डेट (Debt) प्रोफाइल है। कंसोलिडेटेड लेवल पर कंपनी का कर्ज पिछले साल के ₹1,487.17 लाख से बढ़कर ₹3,286.30 लाख के स्तर पर पहुंच गया है। अब कंपनी के सामने अपनी प्रोडक्शन क्षमता को वापस पटरी पर लाने और कर्ज चुकाने की दोहरी चुनौती है।
प्रशासनिक बदलाव और भविष्य की राह
इन सब के बीच कंपनी में कुछ बड़े प्रशासनिक बदलाव भी देखने को मिले हैं। श्री आनंद जीतमाल पारेख को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही, कंपनी ने इस साल किसी भी तरह के डिविडेंड (Dividend) की घोषणा नहीं की है। अब निवेशकों की नजर कंपनी के अगले क्वार्टर के नतीजों पर रहेगी, जिसमें यह देखा जाएगा कि मार्जिन में सुधार और उत्पादन के स्तर में कितनी रिकवरी आई है।
