Lakshmi Mills Company Ltd ने FY 2025-26 के लिए नतीजों का ऐलान किया है। टेक्सटाइल कारोबार में सुस्ती और लेबर की कमी के कारण कंपनी को **₹15.55 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, लेकिन इसके बावजूद कंपनी ने **10%** डिविडेंड का ऐलान किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की स्थिति
कंपनी के लिए पिछला साल चुनौतीपूर्ण रहा है। FY 2025-26 में कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹15.55 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹4.68 करोड़ था। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी घटकर ₹241.83 करोड़ रह गया है, जो पहले ₹263.16 करोड़ था। हालांकि, इन नतीजों के बीच ₹10 प्रति शेयर (यानी 10%) डिविडेंड का ऐलान निवेशकों के लिए एक राहत की खबर है, जिसे 25 सितंबर 2026 को होने वाली एजीएम (AGM) में मंजूरी दी जाएगी।
कारोबार में बदलाव और रेंटल का सहारा
अपने मुख्य टेक्सटाइल बिजनेस में आ रही चुनौतियों को देखते हुए, कंपनी अब स्पेशल एप्लीकेशन-बेस्ड यार्न (Yarn) पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ कंपनी का रेंटल सर्विसेज सेगमेंट एक मजबूत सहारा बनकर उभरा है, जिसने इस साल ₹24.80 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी इस विस्तार को गति देने के लिए 2027-28 तक लगभग 1.20 लाख वर्ग फुट अतिरिक्त रेंटल स्पेस जोड़ने की योजना पर काम कर रही है।
आगे की राह
निवेशकों के लिए अब 25 सितंबर 2026 को होने वाली 116वीं एजीएम बेहद महत्वपूर्ण होगी। कंपनी का पूरा फोकस अब टेक्सटाइल बिजनेस के घाटे को कम करने और रेंटल इनकम के जरिए बैलेंस शीट को स्टेबल बनाने पर है। क्या कंपनी की यह नई रणनीति घाटे को मुनाफे में बदल पाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
