Lakhotia Polyesters के नतीजे: कमाई में भारी गिरावट और ऑडिटर का इस्तीफा, शेयरधारकों के लिए मुश्किल दौर

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AuthorMehul Desai|Published at:
Lakhotia Polyesters के नतीजे: कमाई में भारी गिरावट और ऑडिटर का इस्तीफा, शेयरधारकों के लिए मुश्किल दौर

Lakhotia Polyesters (India) Ltd के लिए FY26 का साल काफी निराशाजनक रहा है। कंपनी की कुल इनकम पिछले साल के **₹72.17 करोड़** से घटकर महज **₹19.76 करोड़** रह गई है, साथ ही नेट प्रॉफिट भी आधा होकर **₹2.38 करोड़** पर आ गया है।

मुनाफे पर बड़ा असर

कंपनी की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा है। नेट प्रॉफिट में बड़ी कटौती के चलते बेसिक EPS गिरकर ₹2.27 पर आ गया है। कंपनी ने इन खराब नतीजों के पीछे शॉर्ट-टर्म ऑपरेशनल चुनौतियों का हवाला दिया है।

ऑडिटर का इस्तीफा और बोर्ड में बदलाव

कंपनी के लिए परेशानियां सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं। जुलाई 2026 में कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर M/s. Sharp Arth & Co. LLP ने अचानक इस्तीफा दे दिया है। इस रिक्ति को भरने के लिए अब M/s. Praveen Purohit & Associates के नाम का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, बोर्ड में भी बड़े फेरबदल हुए हैं—काजल दुबे को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि मुरली हरिशकुमार लखोटिया को नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनाया गया है। निकुंज श्रावण बिहानी ने बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है।

आगे क्या?

लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए कंपनी ने इस साल कोई डिविडेंड घोषित नहीं किया है। अब निवेशकों की नजर 21 सितंबर 2026 को होने वाली AGM (एनुअल जनरल मीटिंग) पर टिकी है, जहाँ मैनेजमेंट कंपनी की आगे की रणनीति और ऑपरेशनल एफिशिएंसी सुधारने के प्लान पर चर्चा कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.