Kitex Garments के नतीजों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। कंपनी ने FY26 में **₹13.21 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि पिछले साल कंपनी **₹135.75 करोड़** के मुनाफे में थी। इन चुनौतियों के बीच बोर्ड ने विस्तार के लिए QIP के जरिए **₹3,000 करोड़** जुटाने का प्रस्ताव रखा है।
नतीजों का हाल
कंपनी के रेवेन्यू में भी बड़ी गिरावट आई है, जो पिछले साल के ₹982.80 करोड़ से घटकर इस फाइनेंशियल ईयर में ₹666.95 करोड़ रह गया है। नतीजों पर दबाव की मुख्य वजह अमेरिकी बाजार में टैरिफ संबंधी दिक्कतें और नई फैसिलिटी को शुरू करने में आया शुरुआती खर्च है।
बड़े बदलाव की तैयारी
कंपनी ने अब अमेरिका पर निर्भरता कम करने के लिए यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के बाजारों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा, घरेलू बाजार में 'Little Star' ब्रांड के जरिए पकड़ मजबूत की जा रही है। साथ ही, Kitex Childrenswear Ltd के टेक्सटाइल डिवीजन के विलय की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे कामकाज को सुव्यवस्थित किया जा सके।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
कंपनी फिलहाल भारी कैपिटल निवेश के दौर से गुजर रही है। Warangal प्लांट का सफल होना मुनाफे में वापसी के लिए बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, ₹3,000 करोड़ का प्रस्तावित QIP निवेशकों के लिए एक बड़ा 'कैपिटल इवेंट' होगा, जिससे इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) का असर देखने को मिल सकता है।
अहम आंकड़े (FY26 बनाम FY25)
- रेवेन्यू: ₹666.95 करोड़ बनाम ₹982.80 करोड़
- EBITDA: ₹80.71 करोड़ बनाम ₹219.30 करोड़
- EPS: 0.30 बनाम 6.95
अब बाजार की नजरें QIP की टाइमलाइन और Warangal यूनिट की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (Capacity Utilization) पर टिकी होंगी।
