Katare Spinning Mills: स्पिनिंग का काम ठप, अब बैटरी सेक्टर में एंट्री की तैयारी, जानें क्या है पूरा प्लान

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AuthorAditya Rao|Published at:
Katare Spinning Mills: स्पिनिंग का काम ठप, अब बैटरी सेक्टर में एंट्री की तैयारी, जानें क्या है पूरा प्लान

Katare Spinning Mills के लिए FY26 का साल काफी मुश्किल भरा रहा है। कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹2.16 करोड़** हो गया है क्योंकि उसका मुख्य स्पिनिंग कारोबार लंबे समय से बंद है। अब कंपनी अपना पूरा फोकस 'बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम' (BESS) बिजनेस पर शिफ्ट करना चाहती है।

बिगड़ते वित्तीय हालात

कंपनी के हालिया फाइनेंशियल ईयर (FY26) के नतीजों के मुताबिक, स्पिनिंग कारोबार का कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा है, जिसकी वजह कॉटन-टू-यार्न की कीमतों में अस्थिरता है। कंपनी का रेवेन्यू घटकर ₹3.63 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल ₹5.36 करोड़ था। वहीं, नेट लॉस ₹1.73 करोड़ से बढ़कर ₹2.16 करोड़ पर पहुंच गया है।

नई राह: BESS में शिफ्ट

नुकसान को कम करने और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए, कंपनी अब 'बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम' (BESS) के मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली सेक्टर में उतरने की तैयारी कर रही है। फिलहाल कंपनी अपनी आय के लिए 1 MW के सोलर प्लांट का इस्तेमाल कर रही है।

ऑडिटर्स की चिंता और AGM का एजेंडा

कंपनी के ऑडिटर्स ने फाइनेंशियल कंट्रोल और एसेट वैल्युएशन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस बीच, 26 सितंबर 2026 को होने वाली 46वीं AGM में कई बड़े फैसले लिए जाएंगे:

  • नए स्टेट्यूटरी ऑडिटर के रूप में M/s. Hiremath Patil Udgiri and Associates की नियुक्ति पर वोटिंग।
  • 70 साल की उम्र पार कर चुके Kishore T. Katare को जून 2028 तक चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पद पर बरकरार रखने के लिए मंजूरी।

निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी स्पिनिंग बिजनेस के घाटे से निकलकर बैटरी स्टोरेज के नए दांव में सफल हो पाती है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.