KG Denim ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार वापसी करते हुए ₹1.43 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल कंपनी को ₹35.88 करोड़ का नुकसान हुआ था। हालांकि, वर्किंग कैपिटल की कमी और ग्लोबल ट्रेड में बाधाओं के चलते रेवेन्यू घटकर ₹40.63 करोड़ रह गया है।
मुनाफे में वापसी, पर चुनौतियां बाकी
KG Denim के लिए वित्त वर्ष 2025-26 राहत लेकर आया है। कंपनी ने घाटे के दौर से बाहर निकलते हुए ₹1.43 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। यदि हम पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के आंकड़ों को देखें, तो तब कंपनी को ₹35.88 करोड़ का बड़ा नुकसान झेलना पड़ा था। कंपनी का अर्निंग पर शेयर (EPS) भी सुधार के साथ 0.56 पर पहुंच गया है, जो पहले -13.99 था।
क्यों घटी रेवेन्यू?
मुनाफा तो बढ़ा है, लेकिन कारोबार का स्तर अभी भी कमजोर है। कंपनी का टोटल रेवेन्यू पिछले साल के ₹57.06 करोड़ से गिरकर इस साल ₹40.63 करोड़ पर आ गया है। इसके पीछे मुख्य वजह वर्किंग कैपिटल की भारी कमी और ग्लोबल स्तर पर चल रहे तनाव के कारण कारोबार में आई बाधाएं हैं।
डेट रीस्ट्रक्चरिंग और लिक्विडिटी का संकट
कंपनी अपने कर्ज को लेकर बैंकर्स के साथ रीस्ट्रक्चरिंग प्लान पर काम कर रही है। हालांकि ज्यादातर बैंक इससे सहमत हैं, लेकिन एक बैंक ने इस पर असहमति जताई है, जो अब कोर्ट में विचाराधीन है। कंपनी फंड जुटाने के लिए अपनी नॉन-कोर संपत्तियों को बेचने की योजना बना रही है।
इसके अलावा, स्टेट्यूटरी ड्यूज जैसे प्रोविडेंट फंड और ESI के भुगतान में भी अनियमितताएं पाई गई हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय हैं। कंपनी पर कस्टम ड्यूटी और इनकम टैक्स से जुड़े कानूनी विवाद भी पेंडिंग हैं।
आगे क्या?
निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी वर्किंग कैपिटल की समस्या को हल कर अपनी सेल्स को दोबारा पटरी पर ला पाती है। कंपनी के मैनेजमेंट में भी बदलाव हुए हैं, जिसमें एम बालाजी को नया CFO नियुक्त किया गया है। आने वाले समय में डेट रीस्ट्रक्चरिंग की स्थिति और एसेट सेल की प्रक्रिया पर नजर रखना जरूरी होगा।
