Indo Count Industries: मुनाफे में **39%** की गिरावट, पर निवेशकों को मिलेगा **₹1.50** का डिविडेंड

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indo Count Industries: मुनाफे में **39%** की गिरावट, पर निवेशकों को मिलेगा **₹1.50** का डिविडेंड

Indo Count Industries ने FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **39%** घटकर **₹144.61 करोड़** रह गया, जिसका मुख्य कारण अमेरिका की ओर से लगाए गए **50%** टैरिफ हैं। हालांकि, कंपनी ने **₹1.50** प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है।

Indo Count Industries के FY26 के नतीजे

Indo Count Industries ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी के नेट प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) में पिछले साल के ₹237.21 करोड़ की तुलना में 39% की बड़ी गिरावट आई है और यह घटकर ₹144.61 करोड़ पर आ गया है। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from operations) में भी कमी दर्ज की गई है, जो पिछले साल के ₹3,771.65 करोड़ से घटकर इस साल ₹3,098.37 करोड़ हो गया है।

अमेरिकी टैरिफ का बड़ा असर

मुनाफे में इस भारी गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका द्वारा भारतीय टेक्सटाइल एक्सपोर्ट पर लगाए गए 50% तक के टैरिफ (Tariffs) हैं। इन टैरिफ ने कंपनी के मार्जिन्स पर काफी दबाव डाला है। इन आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹1.50 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की सिफारिश की है।

बोर्ड मीटिंग और डिविडेंड

कंपनी की बोर्ड मीटिंग में यह फैसला लिया गया कि शेयरधारकों को ₹1.50 प्रति इक्विटी शेयर का डिविडेंड दिया जाएगा।

आगे क्या?

यह नतीजे भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री के सामने मौजूद चुनौतियों को दर्शाते हैं, खासकर एक्सपोर्ट मार्केट में ट्रेड पॉलिसी (Trade policy) में बदलावों का खतरा। निवेशकों को अब कंपनी के मैनेजमेंट की तरफ से अमेरिकी टैरिफ के असर को कम करने के उपायों और एक्सपोर्ट मार्केट में विविधीकरण (Diversification) की योजनाओं पर कड़ी नजर रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.