Hindoostan Mills के Q2 FY27 नतीजों में घाटा कम हुआ है। कंपनी अब टेक्सटाइल बिजनेस को पूरी तरह छोड़कर इंजीनियरिंग मॉडल पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
मुनाफे में सुधार के संकेत
Hindoostan Mills ने सितंबर 2026 तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस बार ₹0.74 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹1.48 करोड़ के घाटे से बेहतर है। हालांकि, रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹2.19 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹3.38 करोड़ से कम है।
इंजीनियरिंग बिजनेस की ओर कदम
कंपनी अब अपने पुराने टेक्सटाइल बिजनेस से बाहर निकलकर पूरी तरह से इंजीनियरिंग डिवीजन पर ध्यान लगा रही है। टेक्सटाइल से जुड़े एसेट्स को अब 'हेल्ड फॉर सेल' (Held for Sale) कैटेगरी में रखा गया है। निवेशकों की नजर अब सरकार से मिलने वाली ₹1.28 करोड़ की सब्सिडी के क्लेम पर है, जो 'न्यू टेक्सटाइल पॉलिसी 2012' के तहत फंसा हुआ है।
कानूनी पेंच और जोखिम
कंपनी बॉम्बे हाई कोर्ट में एक पुराने प्रॉपर्टी विवाद को लेकर आर्बिट्रेशन केस लड़ रही है। इस मामले में कंपनी ने ₹15.97 करोड़ के संभावित क्लेम के खिलाफ ₹0.64 करोड़ का प्रोविजन पहले ही बना लिया है। इसके अलावा, कंपनी को अपने म्यूचुअल फंड निवेश पर ₹0.13 करोड़ का फेयर वैल्यू लॉस भी हुआ है, जो नॉन-ऑपरेटिंग इनकम में अस्थिरता दिखाता है।
