Harish Textile Engineers Ltd ने Kamlesh Corporation के साथ समझौता कर लिया है, जिसके बाद NCLT मुंबई ने कंपनी के खिलाफ चल रही इनसॉल्वेंसी याचिका को खारिज कर दिया है।
संकट से मिली मुक्ति
Harish Textile Engineers के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। NCLT मुंबई बेंच ने कंपनी के खिलाफ दायर इनसॉल्वेंसी पिटीशन (C.P. (IB) No. 671/2025) को खारिज कर दिया है। यह कदम कंपनी और क्रेडिटर Kamlesh Corporation के बीच हुए एक औपचारिक समझौते के बाद उठाया गया है।
सेटलमेंट का गणित
दोनों पक्षों के बीच 19 अगस्त 2026 को सहमति बनी थी, जिसके तहत कंपनी ने अपने बकाया कर्ज और ब्याज का भुगतान एक तय 'इंस्टॉलमेंट प्लान' (Installment Plan) के जरिए करने का वादा किया है। इसके बाद IBC के सेक्शन 9 के तहत चल रही कानूनी प्रक्रिया को वापस ले लिया गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risk Alert)
हालाँकि कंपनी ने फिलहाल राहत की सांस ली है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। NCLT ने क्रेडिटर को यह छूट दी है कि यदि कंपनी पेमेंट शर्तों का पालन करने में विफल रहती है, तो याचिका को दोबारा शुरू किया जा सकता है।
आगे क्या रखें नजर?
अगले कुछ क्वार्टर्स में कंपनी की कैश-फ्लो स्थिति और भुगतान की समयसीमा (Payment Milestones) पर नजर रखना जरूरी होगा। यदि कंपनी अपनी शर्तों से पीछे हटती है, तो कानूनी मुश्किलें फिर से खड़ी हो सकती हैं। निवेशकों को अब कंपनी की भविष्य की रेगुलेटरी फाइलिंग्स और अनुपालन पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
