BSE की पूछताछ के बाद Harish Textile Engineers ने अपने Preferential Issue स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदल दिया है। अब कंपनी **₹6.79 करोड़** की देनदारियों को चुकाने के लिए **10,60,800** नए शेयर जारी करेगी।
Debt-to-Equity की ओर कदम
Harish Textile Engineers Ltd ने BSE की स्क्रूटनी के बाद अपने पुराने फंड जुटाने के प्लान को पूरी तरह से बदल दिया है। अब यह एक 'नॉन-कैश' एक्सरसाइज बन गई है। कंपनी ₹64 प्रति शेयर की कीमत पर कुल 10,60,800 इक्विटी शेयर जारी करेगी, जिसका कुल मूल्य ₹6.79 करोड़ है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यह कदम कंपनी के बैलेंस शीट को सुधारने की एक डिफेंसिव कोशिश है। इस इश्यू के जरिए कंपनी अपने ₹3.55 करोड़ के शॉर्ट-टर्म कर्ज और ₹3.24 करोड़ की क्रेडिटर देनदारियों को खत्म करेगी। गौर करने वाली बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में कंपनी के पास कोई भी नया 'कैश' नहीं आएगा, क्योंकि पुराने कैश-रेजिंग प्लान को अब रद्द कर दिया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
मौजूदा शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क 'इक्विटी डाइल्यूशन' है। कंपनी की सॉल्वेंसी प्रोफाइल तो सुधरेगी, लेकिन नए शेयर जारी होने से इक्विटी बेस बढ़ जाएगा, जबकि कंपनी की लिक्विडिटी में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह कदम कंपनी के लिक्विडिटी दबाव को कम करने के लिए पर्याप्त है या आगे और भी रिस्ट्रक्चरिंग की जरूरत पड़ेगी।
