Harikanta Overseas Limited ने फाइनेंशियल ईयर **2026** के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹713.62 लाख** रहा, जो पिछले साल के **₹442.31 लाख** से काफी ज्यादा है। BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने के बाद यह कंपनी की शानदार रफ्तार है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की झलक
कंपनी ने अपनी 8वीं एनुअल रिपोर्ट में बताया कि जून 2026 में BSE SME पर लिस्टिंग के बाद ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार आया है। कंपनी का टोटल इनकम ₹4,672.54 लाख रहा है। कंपनी अब थाईलैंड, सिंगापुर, बहरीन और कंबोडिया जैसे एक्सपोर्ट मार्केट्स में अपनी पहुंच बढ़ाने पर फोकस कर रही है।
क्यों नहीं मिला डिविडेंड?
बोर्ड ने फैसला किया है कि FY26 के लिए कोई डिविडेंड नहीं दिया जाएगा। मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी अपने फंड को फ्यूचर प्रोजेक्ट्स और बिजनेस एक्सपेंशन के लिए बचाकर रखना चाहती है।
ऑडिटिंग और बोर्ड में बदलाव
कंपनी के ऑडिटिंग ढांचे में बड़ा बदलाव हुआ है। M/s. A.H. Jain & Co. के इस्तीफे के बाद अब M/s. Jain Shrimal & Co. को अगले 5 साल के लिए नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to Watch)
निवेशकों को कंपनी के रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन (जैसे प्रॉपर्टी लीजिंग और प्रमोटर सैलरी) पर नजर रखनी चाहिए। हालांकि कंपनी इन्हें 'आर्म्स लेंथ' (निष्पक्ष) बता रही है, लेकिन गवर्नेंस के लिहाज से यह अहम है। इसके अलावा, पास्ट में CSR कंप्लायंस में हुई देरी भी कंपनी के एडमिनिस्ट्रेटिव कामकाज पर सवाल खड़े करती है। अब नजरें इस पर होंगी कि IPO से जुटाया गया पैसा प्रोजेक्ट्स में कितनी तेजी से इस्तेमाल होता है।
