Haria Apparels के लिए सितंबर तिमाही बेहद चिंताजनक रही है। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू घटकर **₹0** हो गया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह **₹3.35 करोड़** था। हालांकि, 'अन्य इनकम' (Other Income) के दम पर कंपनी ने **₹0.23 करोड़** का नेट प्रॉफिट जरूर दिखाया है।
मुनाफे का सच क्या है?
कंपनी के हालिया नतीजों में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य बिजनेस से कमाई पूरी तरह ठप हो गई है। ₹0 का रेवेन्यू यह दर्शाता है कि कंपनी के ऑपरेशंस में कोई हलचल नहीं है। जून तिमाही में कंपनी ने ₹0.94 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था, जो अब घटकर सीधे ₹0 पर आ गया है।
मुनाफा दिखने की वजह कंपनी की ₹0.62 करोड़ की 'अन्य इनकम' है। सरल शब्दों में कहें तो कंपनी अपने बिजनेस से नहीं, बल्कि अन्य स्रोतों से मिले पैसे के दम पर खुद को मुनाफे में दिखा पा रही है।
निवेशकों के लिए रेड फ्लैग
यह स्थिति निवेशकों के लिए एक बड़ा 'रेड फ्लैग' है। किसी भी कंपनी के लिए उसका मुख्य बिजनेस ही विकास की धुरी होता है। अगर ऑपरेशंस से ही रेवेन्यू नहीं आ रहा है, तो लॉन्ग-टर्म में कंपनी का बने रहना काफी मुश्किल हो सकता है। क्या कंपनी अपना कामकाज दोबारा शुरू कर पाएगी? फिलहाल इसका कोई स्पष्ट जवाब मैनेजमेंट की तरफ से नहीं आया है।
ऑडिटर्स की रिपोर्ट
कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स, M/s. Rakchamps & Co. LLP, ने अपनी लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट में 'अनमॉडिफाइड' राय दी है, जिसका मतलब है कि अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स के मुताबिक आंकड़े सही हैं, लेकिन बिजनेस की स्थिति पर वे भी कोई राहत नहीं दे रहे हैं।
आने वाले समय में निवेशकों को मैनेजमेंट की घोषणाओं और ऑपरेशंस फिर से शुरू होने के संकेतों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
