Gokaldas Exports के लिए FY26 मिला-जुला रहा है। अमेरिकी बाजार में टैरिफ विवादों के चलते कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर ₹100.13 करोड़ रह गया है, जबकि पिछले साल यह ₹158.54 करोड़ था। हालांकि, कंपनी ने चुनौतियों के बीच अपनी रेवेन्यू ग्रोथ बरकरार रखी है।
मुनाफे पर दबाव, रेवेन्यू में बढ़त
कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹3,917.2 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹4,065 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी को बड़ा झटका लगा है और नेट प्रॉफिट में करीब 37% की गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी ने अपनी विस्तार योजनाओं के लिए ₹228 करोड़ का भारी-भरकम केपेक्स (Capex) भी किया है, जिसका असर बॉटम-लाइन पर दिखा है।
क्यों घटी कमाई?
कंपनी के खराब प्रदर्शन के पीछे मुख्य वजह अमेरिका में टैरिफ को लेकर मची अस्थिरता है। इसके कारण एक्सपोर्ट वॉल्यूम 68 मिलियन यूनिट्स से घटकर 57 मिलियन यूनिट्स रह गया है। नतीजतन, मैनेजमेंट ने इस बार कोई डिविडेंड न देने का फैसला किया है ताकि कैश को भविष्य के एक्सपेंशन और अधिग्रहणों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।
आगे की चुनौतियां और उम्मीदें
फिलहाल, अमेरिका के बाजार में टैरिफ की स्थिति अभी भी एक बड़ा जोखिम बनी हुई है। इसके अलावा, कच्चे तेल से जुड़े इनपुट कॉस्ट की अस्थिरता भी प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल रही है। निवेशकों की नजर अब BTPL मर्जर पर है, जो अभी भी NCLT की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि FY27 में जैसे ही ट्रेड कंडीशन्स सामान्य होंगी, रेवेन्यू और मुनाफे में सुधार देखने को मिलेगा।
