Gokak Textiles ने पहली तिमाही (Q1FY25) में अपने नेट लॉस को घटाकर ₹4.01 करोड़ कर लिया है। कंपनी के बोर्ड ने अपनी निटवेअर यूनिट (Knitwear Unit) को ₹19.50 करोड़ में बेचने की मंजूरी दे दी है, जिसके अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। नतीजों में सुधार के बावजूद, ऑडिटर ने कंपनी की गोइंग कंसर्न (going concern) को लेकर चिंता जताई है।
Gokak Textiles ने पहली तिमाही (Q1FY25) के लिए ₹4.01 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹11.45 करोड़ के घाटे से काफी कम है। कंपनी की टोटल इनकम (Total Income) पिछले साल के ₹17.18 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹25.36 करोड़ हो गई है।
निटवेअर यूनिट की बिक्री को मंजूरी
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कर्नाटक के बेलगावी स्थित अपनी निटवेअर यूनिट (Knitwear Unit) को M/s V. G. Parekh & Co. को ₹19.50 करोड़ में बेचने और स्थायी रूप से बंद करने की मंजूरी दे दी है। इस डील के अक्टूबर 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है, जो जरूरी अप्रूवल पर निर्भर करेगी।
क्यों यह फैसला महत्वपूर्ण है?
यह कदम निटवेअर बिजनेस में हो रहे नुकसान और परिचालन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए उठाया गया है। इसमें लागत का नुकसान, पुरानी मशीनरी और ज्यादा मेंटेनेंस जैसी दिक्कतें शामिल हैं। यूनिट को बेचने से कंपनी के ऑपरेशंस (Operations) को सुव्यवस्थित करने और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी। घाटे में कमी यह भी दर्शाती है कि कंपनी के परिचालन में कुछ सुधार आया है।
कंपनी की पुरानी कहानी
निटवेअर यूनिट की समस्याओं के पीछे कई कारण रहे हैं, जिनमें स्ट्रक्चरल कॉस्ट इश्यूज (structural cost issues) और पुरानी मशीनरी शामिल हैं। कंपनी पहले से ही वित्तीय दबाव झेल रही थी, जो उसके नेट वर्थ (net worth) और देनदारियों (liabilities) की स्थिति में दिख रहा था।
आगे क्या बदलेगा?
निटवेअर यूनिट के बिक जाने से कंपनी पर परिचालन का बोझ कम होगा और पूंजी भी उपलब्ध हो सकती है। यह कदम, Shapoorji Pallonji and Company Private Limited (SPCL) ग्रुप से मिल रहे वित्तीय समर्थन के साथ, कंपनी को उसकी वित्तीय चुनौतियों से निपटने और टेक्सटाइल डिवीजन (textile division) के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
जोखिम जिन पर नजर रखनी होगी
कंपनी के ऑडिटर ने एक "emphasis of matter" पैराग्राफ में यह बताया है कि Gokak Textiles के लिए 'गोइंग कंसर्न' (going concern) के तौर पर जारी रहने की क्षमता पर अनिश्चितता बनी हुई है। इसका कारण बार-बार होने वाला नेट लॉस, देनदारियों का संपत्ति से ज्यादा होना और निगेटिव नेट वर्थ है। कंपनी को IREDA पेनल्टी चार्जेज (penalty charges) के लिए ₹158.23 लाख का फाइनेंस कॉस्ट (finance cost) भी उठाना पड़ा है।
आगे क्या देखना होगा
निवेशक निटवेअर यूनिट की बिक्री की प्रगति, इसके कंपनी की लिक्विडिटी (liquidity) पर पड़ने वाले असर और SPCL ग्रुप से मिलने वाले निरंतर वित्तीय समर्थन पर नजर रखेंगे। कंपनी की कर्ज प्रबंधन क्षमता और बचे हुए सेगमेंट्स में परिचालन दक्षता में सुधार महत्वपूर्ण होगा।
