Ginni Filaments ने वित्त वर्ष 2026 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा पिछले साल के **₹4.20 करोड़** से बढ़कर अब **₹37.04 करोड़** हो गया है। इसके पीछे मुख्य वजह कंपनी द्वारा घाटे में चल रहे गारमेंट डिवीजन को बंद करना और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर बनाना है।
मुनाफे में जबरदस्त उछाल
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए जो आंकड़े पेश किए हैं, वे निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए काफी हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट अब ₹37.04 करोड़ है, जो पिछले साल के ₹4.20 करोड़ के मुकाबले एक बड़ी छलांग है। कंपनी की कुल कमाई और अन्य आय ₹380.79 करोड़ दर्ज की गई है, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन पिछले साल के 3.80% से बढ़कर 16.08% हो गया है।
क्यों बदली कंपनी की किस्मत?
इस शानदार सुधार के पीछे सबसे बड़ा कदम नोएडा में स्थित घाटे वाले गारमेंट यूनिट को 30 जून, 2025 को बंद करना था। इस फैसले ने कंपनी के बैलेंस शीट को साफ करने में मदद की। कंपनी ने अपना कर्ज भी घटाया है, जिससे डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.33 से सुधरकर 0.14 पर आ गया है।
43वीं AGM और भविष्य की राह
निवेशकों की नजरें अब 28 सितंबर, 2026 को होने वाली कंपनी की 43वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर टिकी हैं। इस बैठक में शिशिर जयपुरिया के एमडी के तौर पर कार्यकाल और सुरेश सिंघवी की डायरेक्टर (फाइनेंस) एवं सीएफओ के तौर पर पुनर्नियुक्ति पर चर्चा होगी।
रिस्क फैक्टर और चुनौतियां
हालांकि कंपनी का प्रदर्शन सुधरा है, लेकिन मैनेजमेंट ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार टैरिफ और मध्य पूर्व (Middle East) में चल रही भू-राजनीतिक अस्थिरता को भविष्य के लिए एक बड़ा जोखिम बताया है। निवेशकों को कंपनी के नॉन-वोन (non-woven) और कंज्यूमर प्रोडक्ट सेगमेंट पर अपनी नजर बनाए रखनी चाहिए।
