GTN Textiles ने FY 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी को **₹11.38 करोड़** का नेट लॉस हुआ है। कंपनी अब मैन्युफैक्चरिंग से हटकर पूरी तरह से कॉटन यार्न ट्रेडिंग के बिजनेस पर फोकस कर रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर चुनौतियों भरा रहा है। FY 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹10.23 करोड़ रहा, जबकि टोटल कॉम्प्रिहेंसिव लॉस ₹11.38 करोड़ दर्ज किया गया। जून 2022 में मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस बंद करने के बाद, कंपनी अब खुद को एक ट्रेडिंग-ओनली मॉडल में ढालने की कोशिश कर रही है।
बैंक कर्ज से मुक्ति
एक सकारात्मक पहलू यह है कि GTN Textiles ने अपने सभी बैंक कर्ज चुका दिए हैं। कंपनी मैनेजमेंट ने पुष्टि की है कि बिना किसी 'हेयरकट' के पूरा लोन चुकाया गया है और अब कंपनी 'जीरो डेट' (कर्ज मुक्त) स्थिति में काम कर रही है।
AGM और भविष्य की रणनीति
कंपनी ने 28 सितंबर, 2026 को अपनी 21वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) बुलाई है। इस बैठक में शेयरहोल्डर्स से 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस' (RPT) को मंजूरी दिलाने की कोशिश की जाएगी। इन ट्रांजैक्शंस में Patspin India Limited और GTN Enterprises Limited के साथ कॉटन और यार्न की खरीद-फरोख्त शामिल है।
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि मौजूदा समय में कंपनी के नए बिजनेस मॉडल की सफलता इन ट्रांजैक्शंस की मंजूरी पर टिकी है, क्योंकि फिलहाल कंपनी अपने नए रेवेन्यू स्ट्रीम को खड़ा करने की शुरुआती लागतों का सामना कर रही है। कंपनी ने इस साल कोई डिविडेंड घोषित नहीं किया है।
