GTN Industries ने अपनी नागपुर स्थित स्पिनिंग यूनिट को GTN Engineering (India) Limited को ₹72 करोड़ में बेचने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य कपास की अस्थिर कीमतों और कमजोर मांग के कारण हो रहे नुकसान को कम करना है।
घाटे वाली यूनिट से दूरी
लगातार हो रहे ऑपरेटिंग नुकसान से जूझ रही GTN Industries ने बड़ा कदम उठाते हुए अपनी नागपुर स्थित स्पिनिंग यूनिट के 'स्लंप सेल' (Slump Sale) को मंजूरी दी है। यह डील ₹72 करोड़ की है। कंपनी इस ट्रांजैक्शन को दिसंबर 2026 तक किस्तों में पूरा करेगी, जिसकी प्रभावी तारीख 1 अक्टूबर 2026 तय की गई है। इसके अलावा, कंपनी खरीदार के पास मौजूद ₹10 करोड़ मूल्य के प्रेफरेंस शेयर्स को भी रिडीम करने जा रही है।
बिजनेस पर असर
फाइनेंशियल ईयर 2026 (31 मार्च तक) में इस यूनिट का टर्नओवर ₹162 करोड़ रहा था। हालांकि इस बिक्री से कंपनी का कुल रेवेन्यू कम होगा, लेकिन मैनेजमेंट का मानना है कि इससे नेट वर्थ स्थिर होगी और मुनाफे पर पड़ रहा दबाव खत्म हो जाएगा। कपास के दाम में उतार-चढ़ाव और मार्केट में सुस्ती के कारण यह यूनिट लंबे समय से कंपनी के लिए बोझ बनी हुई थी।
निवेशकों के लिए सावधानी
यह एक 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन' (RPT) है, क्योंकि प्रमोटर ग्रुप का हित दोनों कंपनियों में है। डील की वैल्युएशन और रेवेन्यू कम होने के बाद कंपनी के फिक्स्ड कॉस्ट मैनेजमेंट पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह देखना जरूरी होगा। कंपनी का फोकस अब ज्यादा सस्टेनेबल बिजनेस सेगमेंट पर होगा।
