GTN Industries ने अपनी 64वीं AGM **28 सितंबर, 2026** को बुलाई है, जिसमें नागपुर स्थित स्पिनिंग मिल को **₹71 करोड़** में बेचने के प्रस्ताव पर शेयरहोल्डर्स वोट करेंगे। कंपनी का घाटा वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर **₹1,073 लाख** हो गया है।
एसेट सेल और भारी घाटे का गणित
टेक्सटाइल सेक्टर में जारी सुस्ती के बीच कंपनी के ऑपरेशनल नतीजे दबाव में हैं। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू गिरकर ₹16,056 लाख रह गया है, वहीं नेट लॉस पिछले साल के ₹464 लाख से बढ़कर ₹1,073 लाख तक पहुंच गया है। कंपनी ने ऑपरेशनल प्रॉफिट के बजाय ₹497 लाख का ऑपरेटिंग लॉस दर्ज किया है, जो बैलेंस शीट के लिए बड़ी चुनौती है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह डील?
नागपुर स्पिनिंग मिल को GTN Engineering (India) Limited को बेचना कंपनी की लिक्विडिटी सुधारने की एक कोशिश है। हालांकि, निवेशक इस बात पर कड़ी नजर रख रहे हैं कि कंपनी की निर्भरता अपने ही ग्रुप की कंपनियों (Related Party) पर बहुत ज्यादा है।
AGM के मुख्य एजेंडे:
- ₹71 करोड़ में नागपुर मिल का स्लम सेल (Slump Sale)।
- मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के लिए ₹300 करोड़ तक की मंजूरी।
- निवेश के लिए ₹400 करोड़ तक की लिमिट तय करना।
निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि एसेट सेल से मिलने वाली रकम का उपयोग कंपनी कर्ज कम करने के लिए करती है या नए बिजनेस में लगाती है। साथ ही, कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए M/s. NSV Krishna Rao & Co. को कॉस्ट ऑडिटर नियुक्त किया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
