Futura Polyesters ने दिसंबर 2024 तिमाही के लिए **₹12.76 करोड़** का घाटा रिपोर्ट किया है। कंपनी ने हालांकि **₹243.45 करोड़** का बड़ा कर्ज निपटान (OTS) पूरा कर लिया है, लेकिन नेटवर्थ खत्म होने और ऑडिट संबंधी चिंताओं ने निवेशकों के सामने चुनौतियां बरकरार रखी हैं।
भारी कर्ज से मुक्ति की कोशिश
लंबे समय से विवादों में घिरी Futura Polyesters ने अपने वित्तीय संकट को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 23 जून, 2025 को अपने लेंडर्स के साथ ₹243.45 करोड़ का वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) पूरा कर लिया है और सभी लेंडर्स से 'नो ड्यू सर्टिफिकेट' भी हासिल कर लिए हैं।
वित्तीय नतीजों का कड़वा सच
कंपनी ने काफी देरी के बाद अपने पेंडिंग रिजल्ट्स जारी किए हैं। दिसंबर 2024 को समाप्त तिमाही में कंपनी को ₹12.76 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ है। वहीं, 9 महीनों का कुल घाटा बढ़कर ₹29.82 करोड़ पर पहुंच गया है। मैनेजमेंट का कहना है कि स्टाफ की कमी और एडमिनिस्ट्रेटिव मुश्किलों के कारण फाइलिंग में देरी हुई है। गौर करने वाली बात यह है कि कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग कारोबार 2012 से ही बंद है, इसलिए ये नतीजे केवल पुरानी देनदारियों से जुड़े हैं।
ऑडिटर्स की चेतावनी और रिस्क
स्टैच्यूटरी ऑडिटर V. S. Somani & Co. ने इन नतीजों पर सवाल उठाए हैं। ऑडिट रिपोर्ट में वित्त लागतों और बैंकों द्वारा वसूले गए पेनाल्टी इंटरेस्ट को सही तरीके से न दिखाने पर आपत्ति जताई गई है। साथ ही, कंपनी की नेटवर्थ पूरी तरह से खत्म (Eroded) हो चुकी है, जिससे इसके 'गोइंग कंसर्न' (कारोबार जारी रखने) की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
आगे क्या?
निवेशकों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती यह देखना है कि क्या कंपनी अपने बचे हुए कंप्लायंस बैकलॉग को क्लियर कर पाती है, ताकि शेयरों पर लगी ट्रेडिंग सस्पेंशन हटाई जा सके। कंपनी की भविष्य की ऑपरेशनल रणनीति फिलहाल पूरी तरह से धुंधली बनी हुई है।
