Eastern Silk Industries ने अपनी 80वीं AGM में बड़ा फैसला लेते हुए फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग को हरी झंडी दे दी है। NCLT के प्लान के तहत कंपनी अब कर्ज को इक्विटी में बदलेगी, जिससे बैलेंस शीट को मजबूती मिलेगी।
फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग का मास्टर प्लान
कंपनी ने हाल ही में अपनी 80वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) संपन्न की, जिसमें सभी 16 प्रस्तावों को शेयरधारकों का भारी समर्थन मिला। ई-वोटिंग में करीब 99.99% शेयरधारकों ने कंपनी के फैसलों पर मुहर लगाई।
कर्ज से मुक्ति की ओर कदम
कंपनी का मुख्य फोकस अपनी बैलेंस शीट को साफ करने पर है। NCLT द्वारा मंजूर किए गए प्लान के मुताबिक, अब कंपनी अपने कर्ज को इक्विटी में बदलेगी। इसके अलावा, प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स से बिना ब्याज वाला अनसिक्योर्ड लोन लेने की भी मंजूरी दी गई है, जिसे भविष्य में इक्विटी में बदला जा सकेगा। इससे कंपनी पर ब्याज का बोझ कम होगा और लिक्विडिटी में सुधार आएगा।
बड़े बदलाव:
- NRI इन्वेस्टमेंट लिमिट: विदेशी निवेशकों के लिए निवेश की सीमा को 10% से बढ़ाकर 24% कर दिया गया है।
- रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन: कंपनी ने Bauman Dekor Private Limited और Warps and Wefts FZC जैसी संबंधित कंपनियों के साथ ट्रांजैक्शन को भी मंजूरी दी है। SEBI के नियमों के अनुसार, प्रमोटर्स ने इन प्रस्तावों पर वोटिंग नहीं की।
आगे क्या देखना होगा?
हालांकि रीस्ट्रक्चरिंग एक सकारात्मक कदम है, लेकिन कंपनी की अभी भी अपनी संबंधित कंपनियों (Related Parties) पर काफी निर्भरता है। निवेशकों को अगली तिमाही के नतीजों पर नजर रखनी होगी कि यह कर्ज-टू-इक्विटी कन्वर्जन कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति में कितना ठोस बदलाव लाता है।
