Digjam ने सितंबर 2026 तिमाही में **₹1.36 करोड़** का नेट प्रॉफिट कमाकर घाटे से वापसी की है। हालांकि, स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स ने 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि कंपनी की देनदारियां उसकी संपत्ति से **₹19.72 करोड़** अधिक हैं।
मुनाफे के बाद भी संकट क्यों?
कंपनी ने पिछले साल के ₹1.74 करोड़ के घाटे के मुकाबले इस बार ₹1.36 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है, जबकि रेवेन्यू ₹9.93 करोड़ रहा। हालांकि, ऑडिटर 'Nayan Parikh & Co.' ने इस नतीजों पर 'Material Uncertainty Related to Going Concern' की चेतावनी दी है। इसका मतलब यह है कि कंपनी के पास तत्काल देनदारियां चुकाने के लिए पर्याप्त एसेट्स की कमी है।
एसेट्स की बिक्री पर टिकीं नजरें
Digjam ने मार्च 2025 में ही अपनी जामनगर स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को बंद कर दिया था। ये एसेट्स अभी ₹53.19 करोड़ की वैल्यू पर 'बिक्री के लिए उपलब्ध' (Held for sale) के रूप में दिखाए गए हैं। भविष्य में कंपनी की स्थिरता पूरी तरह से इन एसेट्स को बेचने और मैनेजमेंट द्वारा तैयार 'स्कीम ऑफ अरेंजमेंट' को सफलतापूर्वक लागू करने पर निर्भर करेगी।
निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
कंपनी ने अपने ऑपरेशंस में सुधार के लिए रजिस्ट्रार (RTA) को बदलकर 'MCS Share Transfer Agent Limited' की जगह 'MUFG Intime India Private Limited' को नियुक्त किया है। निवेशकों को कंपनी की डेट सेटलमेंट की खबरों और एसेट मोनेटाइजेशन की प्रक्रिया पर बारीक नजर रखनी चाहिए, क्योंकि वित्तीय जोखिम अभी भी बना हुआ है।
