Digjam Limited ने FY26 में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए अपना रेवेन्यू **82%** बढ़ाकर **₹33.51 करोड़** दर्ज किया है। कंपनी का नेट लॉस भी घटकर **₹0.98 करोड़** पर आ गया है, लेकिन ऑडिटर्स ने वर्किंग कैपिटल की कमी के चलते कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्टेटस पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फाइनेंशियल रिकवरी और चुनौतियां
Digjam Limited की ओर से जारी FY26 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने टर्नओवर में जबरदस्त सुधार दिखाया है। कंपनी की कुल इनकम पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹18.40 करोड़ से बढ़कर ₹33.51 करोड़ हो गई है। सबसे राहत की बात यह है कि कंपनी का नेट कॉम्प्रिहेंसिव लॉस पिछले साल के ₹10.44 करोड़ से घटकर महज ₹0.98 करोड़ रह गया है।
ऑडिटर्स की 'चेतावनी की घंटी'
इतने सुधार के बावजूद, इन्वेस्टर्स को सावधानी बरतने की जरूरत है। ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' बने रहने पर संदेह जताया है। इसका मुख्य कारण कंपनी के पास वर्किंग कैपिटल की भारी कमी होना है। कंपनी का EBITDA भी सुधरकर ₹3.42 करोड़ पर आ गया है, लेकिन लिक्विडिटी का दबाव अभी भी बरकरार है।
क्या है बड़ा अपडेट?
- जामनगर प्लांट: कंपनी ने 31 मार्च 2025 को अपने जामनगर प्लांट का कामकाज बंद कर दिया था। अब इन एसेट्स को 'हेल्ड फॉर सेल' के रूप में दिखाया गया है, जिनकी वैल्यू करीब ₹53.19 करोड़ है।
- ऑफिस शिफ्टिंग: अक्टूबर 2025 में कंपनी अपना रजिस्टर्ड ऑफिस गुजरात से तमिलनाडु शिफ्ट कर चुकी है।
- AGM की तारीख: कंपनी की 11वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 28 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी, जहां फाइनेंशियल स्टेटमेंट और ऑडिटर्स की फीस पर चर्चा की जाएगी।
इन्वेस्टर्स के लिए अब कंपनी के एसेट रियलाइजेशन प्लान और भविष्य की लिक्विडिटी पर नजर रखना बहुत जरूरी हो गया है। बोर्ड ने इस साल किसी भी डिविडेंड की घोषणा नहीं की है।
