Dhanlaxmi Fabrics ने FY26 में दर्ज किया ₹2.96 करोड़ का नेट लॉस
Dhanlaxmi Fabrics Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन (standalone) आधार पर ₹2.96 करोड़ (₹295.92 लाख) का नेट लॉस दर्ज किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर FY25 के ₹0.09 करोड़ के मामूली मुनाफे से एक बड़ा बदलाव है। कंसॉलिडेटेड (consolidated) आधार पर भी कंपनी को ₹3.30 करोड़ (₹330.35 लाख) का घाटा हुआ है।
रेवेन्यू बढ़ा, पर घाटे ने बढ़ाई चिंता
FY25 में जहां कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹9.28 करोड़ था, वहीं FY26 में यह बढ़कर ₹19.01 करोड़ हो गया। यानी रेवेन्यू में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद, कंपनी मुनाफा कमाने में कामयाब नहीं हो पाई। नतीजों पर चौथी तिमाही में ₹1.44 करोड़ के असाधारण (exceptional) लॉस का भी असर पड़ा, जो कि फिक्स्ड एसेट्स (fixed assets) की बिक्री से जुड़ा था।
सब्सिडियरी की बिक्री और आगे की राह
कंपनी ने 22 अप्रैल 2025 को अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी DFL Fabrics Pvt Ltd को बेच दिया था। इसी वजह से कंसॉलिडेटेड नतीजों में सब्सिडियरी का प्रदर्शन केवल बिक्री की तारीख तक ही शामिल है। सब्सिडियरी के बिकने के बाद, कंपनी अब अपने मुख्य ऑपरेशन्स पर ध्यान केंद्रित करेगी। एक महत्वपूर्ण डेवलपमेंट यह है कि Western Chlorides and Chemicals Private Limited के साथ हुआ लैंड लीज (land lease) कांट्रैक्ट खत्म हो गया है। कंपनी के बोर्ड ने इस जमीन के लिए कमर्शियल लाइसेंस (commercial license) के आवेदन को मंजूरी दे दी है।
निवेशकों के लिए जोखिम
- वित्तीय प्रदर्शन: रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद प्रॉफिट से लॉस में आना, कंपनी के ऑपरेशन्स में चुनौतियों की ओर इशारा करता है।
- बिजनेस कंसंट्रेशन: कंपनी पूरी तरह से टेक्सटाइल फैब्रिक सेगमेंट में काम करती है, जिससे बिजनेस में कंसंट्रेशन का जोखिम बना रहता है।
- लैंड यूज: जमीन के लिए कमर्शियल लाइसेंस के आवेदन का नतीजा कंपनी के भविष्य के ऑपरेशन्स के लिए महत्वपूर्ण होगा।
आगे क्या देखें?
निवेशक अब कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी वापस लाने की रणनीति और जमीन के लिए कमर्शियल लाइसेंस के आवेदन के नतीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे।
