Delta Manufacturing ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी को **₹0.48 करोड़** का नेट लॉस हुआ है। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल आधार पर **31.7%** बढ़कर **₹18.18 करोड़** रहा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Delta Manufacturing Ltd ने सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए अपने अनऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। जून तिमाही में ₹0.30 करोड़ का मुनाफा कमाने वाली यह कंपनी अब वापस घाटे में आ गई है। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल आधार पर ₹13.80 करोड़ से बढ़कर ₹18.18 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।
क्यों दबाव में है कंपनी?
कंपनी का पूरा फोकस अब अपने टेक्सटाइल बिजनेस पर शिफ्ट हो रहा है। उन्होंने अपने फेराइट (ferrite) ऑपरेशंस को 'डिस्कंटीन्यूड' घोषित कर दिया है, जिससे साफ है कि मैनेजमेंट पुराने बिजनेस को पूरी तरह छोड़ने की तैयारी में है। हालांकि रेवेन्यू में इजाफा हुआ है, लेकिन बढ़ती ऑपरेटिंग कॉस्ट के चलते कंपनी को मुनाफे में बने रहने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
आगे की चुनौतियां
निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि कंपनी का नेट लॉस बढ़ रहा है। Q2 FY26 में कंपनी को ₹1.55 करोड़ का बड़ा नुकसान हुआ था, जिससे रिकवरी तो दिख रही है, लेकिन मुनाफे में निरंतरता की कमी है। कंपनी का बेसिक अर्निंग पर शेयर (EPS) इस तिमाही में (0.45) रुपये रहा है। अब नजरें इस पर टिकी हैं कि कंपनी अपने मार्जिन को बेहतर करने के लिए क्या कदम उठाती है और ऑपरेटिंग खर्चों को कैसे कम करती है।
