Century Enka का रेवेन्यू बढ़कर **₹558.23 करोड़** पर पहुंच गया है, हालांकि नेट प्रॉफिट में गिरावट दर्ज की गई है। निवेशक अब सुप्रीम कोर्ट में चल रहे एक्साइज ड्यूटी मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
रेवेन्यू में ग्रोथ, मार्जिन पर दबाव
Century Enka Limited ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने अनऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का टॉपलाइन प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है और कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹408.70 करोड़ से बढ़कर ₹558.23 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, नेट प्रॉफिट (PAT) में गिरावट दिखी है, जो पिछले साल के ₹22.33 करोड़ के मुकाबले घटकर ₹18.49 करोड़ रह गया है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
शेयरधारकों के लिए चुनौती रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन में कमी के बीच का तालमेल है। सिंथेटिक यार्न बनाने वाली इस कंपनी ने अपनी बिक्री तो बढ़ाई है, लेकिन बढ़ती लागत के कारण मुनाफा प्रभावित हुआ है। यह स्पष्ट करता है कि बेहतर वॉल्यूम के बावजूद कंपनी की कमाई की क्षमता पर खर्चों का दबाव है।
सुप्रीम कोर्ट में फंसा है मामला
निवेशकों को एक लंबे समय से चले आ रहे एक्साइज ड्यूटी विवाद पर सतर्क रहना होगा। 2013 में एक्साइज विभाग ने एक डिमांड नोटिस जारी किया था, जो बाद में CESTAT के पास पहुंचा। फिलहाल, रायगढ़ के कमिश्नर द्वारा तय की गई ₹7.30 करोड़ की डिमांड के खिलाफ कंपनी की अपील सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। कानूनी सलाह के बाद कंपनी ने फिलहाल कोई प्रोविजन नहीं किया है।
आगे की राह
छह महीने की अवधि (30 सितंबर, 2026) के लिए कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹1,112.52 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹80.19 करोड़ रहा। अब निवेशकों की नजर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और आने वाली तिमाहियों में मार्जिन सुधार पर टिकी है।
