Bhartiya International ने अपनी 39वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की तारीख का ऐलान कर दिया है। 28 सितंबर, 2026 को होने वाली इस बैठक में कंपनी अपने कर्ज लेने की सीमा को बढ़ाकर **₹1,200 करोड़** करने का प्रस्ताव रखेगी।
मुनाफे में उछाल, पर निवेशकों को झटका
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे काफी मजबूत रहे हैं। Bhartiya International का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 31.98% बढ़कर ₹1,130.54 करोड़ हो गया है, जबकि नेट प्रॉफिट में 59.38% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो ₹33.71 करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं, कंसोलिडेटेड टर्नओवर ₹1,358.02 करोड़ रहा है। हालांकि, मुनाफे में इतनी बड़ी बढ़त के बावजूद कंपनी ने विकास कार्यों और कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए कैश बचाने के उद्देश्य से डिविडेंड न देने का फैसला लिया है।
कर्ज की सीमा बढ़ाने का लक्ष्य
कंपनी ने अपनी बोरिंग लिमिट को मौजूदा ₹700 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,200 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है। मैनेजमेंट का साफ कहना है कि यह अतिरिक्त कर्ज कंपनी के भविष्य के विस्तार और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए लिया जाएगा। इसके लिए शेयरधारकों से संपत्तियों पर चार्ज बनाने की मंजूरी भी मांगी गई है।
गवर्नेंस अपडेट्स और रिस्क फैक्टर
AGM में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की दोबारा नियुक्ति और बोर्ड से जुड़े अन्य प्रशासनिक निर्णयों पर भी मुहर लगेगी। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि कर्ज की बढ़ती सीमा के साथ कंपनी पर ब्याज का बोझ भी बढ़ेगा। यदि भविष्य में रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान के मुताबिक नहीं रही, तो यह कैश फ्लो पर दबाव डाल सकता है।
