पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के मामले में Banswara Syntex मुश्किल में है। कंपनी ने Daman Pollution Control Committee को **₹1.47 करोड़** का भारी-भरकम मुआवजा (Compensation) चुकाया है।
जुर्माने की वजह क्या रही?
हाल ही में दमन के कड़ैया (Kadaiya) यूनिट के इंस्पेक्शन के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कंपनी 'Water Act, 1974' और 'Air Act, 1981' जैसे पर्यावरण कानूनों का सही पालन नहीं कर रही थी। ऑडिट में सामने आया कि बॉयलर से निकलने वाला धुआं तय मानकों से ज्यादा था, डस्ट कलेक्शन सिस्टम कमजोर थे और खतरनाक कचरे (Hazardous Waste) के स्टोरेज के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया था।
कंपनी का क्या है रुख?
25 अगस्त, 2026 को जुर्माने की राशि जमा करने के बाद, मैनेजमेंट ने दावा किया है कि उन्होंने सुधारात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल उन पर कोई और बड़ी वित्तीय देनदारी नहीं है।
निवेशकों के लिए सबक (Risks to watch)
बाजार के जानकारों का मानना है कि भले ही कंपनी ने अभी जुर्माना भर दिया हो, लेकिन आगे भी ऐसे किसी भी उल्लंघन से प्रोडक्शन में बाधा आ सकती है। टेक्सटाइल कंपनियों पर पर्यावरण को लेकर नियामक (Regulatory) दबाव बढ़ रहा है, इसलिए निवेशकों को कंपनी के फ्यूचर कंप्लायंस पर नजर रखनी चाहिए।
