Axita Cotton ने अपनी ऑपरेशनल स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव किया है, जिससे कंपनी के इन्वेंट्री टर्नओवर में जबरदस्त उछाल आया है। रेवेन्यू में गिरावट के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹1.90 करोड़** पर पहुंच गया है और कंपनी ने **₹0.05 प्रति शेयर** का डिविडेंड घोषित किया है।
मुनाफे में सुधार और स्ट्रैटेजिक बदलाव
Axita Cotton ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे पेश कर दिए हैं। पिछले साल के ₹1.09 करोड़ के मुकाबले कंपनी का मुनाफा बढ़कर ₹1.90 करोड़ हो गया है। हालांकि, ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू पिछले साल के ₹652.72 करोड़ से घटकर ₹370.40 करोड़ पर आ गया है। कंपनी ने इस दौरान 1:10 के रेशियो में बोनस शेयर भी जारी किए थे।
क्यों बदली कंपनी की चाल?
कंपनी ने अब 'बैक-टू-बैक' ट्रेडिंग मॉडल अपनाया है, जिससे इन्वेंट्री टर्नओवर 63 से बढ़कर 283 हो गया है। इसका सीधा फायदा वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट में दिख रहा है। ट्रेड रिसीवेबल्स भी घटकर ₹17.48 करोड़ रह गए हैं, जो बैलेंस शीट के लिए एक पॉजिटिव संकेत है।
कमोडिटी पोर्टफोलियो में विस्तार
जोखिम को कम करने के लिए कंपनी अब केवल कॉटन पर निर्भर नहीं है। अब कंपनी के पोर्टफोलियो में तिल, मूंगफली का तेल, कॉटन सीड, सोना और कॉपर भी शामिल हैं। कंपनी का एक्सपोर्ट रेवेन्यू भी ₹8.94 करोड़ से बढ़कर ₹30.57 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।
ऑडिटोरियम और रिस्क
हाल ही में कंपनी ने अपने स्टेट्यूटरी ऑडिटर को बदला है और अब M/s. DTA & Associates को 5 साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया है। निवेशकों के लिए सलाह है कि कॉटन मार्केट की वोलाटिलिटी के बीच मार्जिन की स्थिरता पर नजर बनाए रखें।
