Ashtasidhhi Industries: मुनाफे में सुधार लेकिन नियमों की उलझन, क्या है कंपनी का नया प्लान?

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AuthorAditya Rao|Published at:
Ashtasidhhi Industries: मुनाफे में सुधार लेकिन नियमों की उलझन, क्या है कंपनी का नया प्लान?

Ashtasidhhi Industries ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी अब NBFC से हटकर टेक्सटाइल ट्रेडिंग पर फोकस कर रही है, हालांकि आरबीआई के पास लाइसेंस सरेंडर करने की प्रक्रिया और ऑडिट संबंधी आपत्तियां अभी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर

कंपनी ने शानदार ग्रोथ दिखाई है, जहां टोटल रेवेन्यू बढ़कर ₹6.94 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में महज ₹1.56 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹0.08 करोड़ दर्ज किया गया है और अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹0.04 से बढ़कर ₹0.10 पर पहुंच गया है।

बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव

Ashtasidhhi Industries अब अपनी पुरानी NBFC विरासत को पीछे छोड़कर टेक्सटाइल ट्रेडिंग सेक्टर में पूरी तरह उतरने की तैयारी कर रही है। इस बदलाव के तहत कंपनी अपने NBFC लाइसेंस को RBI को सरेंडर करने की प्रक्रिया में है। 29 सितंबर, 2026 को कंपनी की 34वीं AGM बुलाई गई है।

गवर्नेंस और ऑडिट के सवाल

कंपनी के लिए बोर्ड रूम में भी हलचल रही है। 13 अगस्त, 2026 से दो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स, सुमांत लक्ष्मी नारायण पेरीवाल और आनंदकुमार परमेश्वर अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया है।

इसके अलावा, सेक्रेटेरियल ऑडिट में कुछ गंभीर टिप्पणियां की गई हैं। इसमें एसोसिएट कंपनियों के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स फाइल न करने और स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस (SDD) में जानकारी अधूरी होने जैसी खामियां पाई गई हैं। बोर्ड ने इन गलतियों को सुधारने का आश्वासन दिया है, लेकिन निवेशकों को RBI के साथ चल रही लाइसेंस प्रक्रिया और कंपनी के अनुपालन (Compliance) मानकों पर कड़ी नजर रखनी होगी।

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