Ashnoor Textile Mills के लिए वित्त वर्ष 2025-26 काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **46.85%** गिरकर **₹8.48 करोड़** रह गया है, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी बाजार में एक्सपोर्ट टैरिफ की समस्याएं हैं।
बिगड़ी वित्तीय सेहत
कंपनी ने अपने सालाना नतीजों में बताया है कि ऑपरेटिंग इनकम में 36.34% की बड़ी गिरावट आई है, जो अब घटकर ₹113.61 करोड़ रह गई है। मुनाफे पर पड़ी इस मार का सीधा असर शेयरहोल्डर्स पर भी पड़ा है, क्योंकि कंपनी ने इस साल कोई डिविडेंड (Dividend) न देने का फैसला किया है। पिछले साल के मुकाबले कंपनी का बेसिक EPS भी ₹10.02 से गिरकर ₹5.32 पर आ गया है।
AGM की तैयारी
कंपनी अपनी 43वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 29 सितंबर, 2026 को आयोजित करेगी। इस मीटिंग में नूर गुप्ता की होल-टाइम डायरेक्टर के पद पर पुनः नियुक्ति और अभिनव गुप्ता के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर कार्यकाल जारी रखने पर चर्चा होगी। साथ ही, पारुल अग्रवाल को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
कानूनी और रेगुलेटरी चुनौतियां
कंपनी फिलहाल कई मोर्चों पर कानूनी दिक्कतों का सामना कर रही है। इसमें वित्त वर्ष 2018-19 और 2019-20 के GST डिमांड नोटिस को लेकर चल रही अपील शामिल है। इसके अलावा, चंडीगढ़ हाई कोर्ट में ROSL बेनिफिट्स को लेकर भी केस चल रहा है। साथ ही, शेयरहोल्डिंग पैटर्न दाखिल करने में देरी के कारण BSE को मामूली पेनल्टी का भी भुगतान करना पड़ा है।
निवेशकों के लिए नजरिया
फिलहाल मैनेजमेंट का पूरा फोकस एक्सपोर्ट को सामान्य करने और ऑपरेटिंग मार्जिन को सुधारने पर है। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी भविष्य में अमेरिकी व्यापार नीतियों की अस्थिरता को कैसे मैनेज करती है।
