Akshar Spintex Limited का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹7.39 करोड़** पहुंच गया है, जबकि पिछले साल यह **₹4.45 करोड़** था। कंपनी के कामकाज और मैनेजमेंट की पारदर्शिता पर ऑडिटर्स ने कड़े सवाल उठाए हैं।
मुनाफे पर लगा ब्रेक
कंपनी का रेवेन्यू करीब ₹117.28 करोड़ पर स्थिर रहा, जो पिछले साल के ₹116.77 करोड़ के मुकाबले नाममात्र ही बढ़ा है। रेवेन्यू में सुस्ती और बढ़ते घाटे ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कंपनी ने इसके लिए ग्लोबल मार्केट में कॉटन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर डिमांड को जिम्मेदार ठहराया है।
क्यों घबराए हैं निवेशक?
कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट में 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्टेटस और इन्वेंट्री वेरिफिकेशन को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। ऑडिटर्स का कहना है कि वे इन्वेंट्री का सही आकलन नहीं कर पा रहे हैं, जो सीधे तौर पर कंपनी के इंटरनल कंट्रोल्स पर सवाल खड़ा करता है।
गवर्नेंस और कंप्लायंस में बड़ी चूक
कंपनी सिर्फ फाइनेंशियल मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि गवर्नेंस के स्तर पर भी फेल होती दिख रही है:
- अगस्त 2022 से कंपनी में कोई इंटरनल ऑडिटर नियुक्त नहीं किया गया है।
- दिसंबर 2025 के तिमाही रिजल्ट्स को BSE के निर्धारित टैब में फाइल नहीं किया गया।
- SEBI LODR नियमों का उल्लंघन करते हुए बोर्ड में डायरेक्टर्स की संख्या निर्धारित स्तर से कम रही।
- कंपनी पर ₹1.19 करोड़ का इनकम टैक्स विवाद भी चल रहा है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों की नजरें अब 28 सितंबर, 2026 को होने वाली 13वीं AGM (एनुअल जनरल मीटिंग) पर टिकी हैं। यहां कंपनी अपने ऑडिटर को बदलने का प्रस्ताव रखेगी और डायरेक्टर्स की सैलरी पर वोटिंग होगी। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि मैनेजमेंट इन गवर्नेंस गैप्स और टैक्स विवादों को कैसे सुलझाता है।
