RailTel के नतीजे: रेवेन्यू में **23%** की जबरदस्त उछाल, **₹4,277 करोड़** पार, ऑर्डर बुक **₹10,400 करोड़** से ज्यादा

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AuthorAditya Rao|Published at:
RailTel के नतीजे: रेवेन्यू में **23%** की जबरदस्त उछाल, **₹4,277 करोड़** पार, ऑर्डर बुक **₹10,400 करोड़** से ज्यादा

RailTel ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने अब तक के सबसे उच्चतम ऑपरेटिंग रेवेन्यू **₹4,277 करोड़** दर्ज किए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले **23%** ज्यादा है। कंपनी ने **₹7,363 करोड़** के नए ऑर्डर भी हासिल किए हैं, जिससे उसकी कुल ऑर्डर बुक **₹10,400 करोड़** से ऊपर पहुंच गई है।

Detailed Coverage

RailTel का शानदार प्रदर्शन: FY 2025-26 के वित्तीय नतीजे

RailTel Corporation of India Ltd. ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹4,277 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष (FY 2024-25) के ₹3,478 करोड़ की तुलना में 23% की बड़ी बढ़ोतरी है। इसी के साथ, कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी ₹300 करोड़ से बढ़कर ₹346 करोड़ हो गया है, और बेसिक ईपीएस (EPS) ₹9.34 से बढ़कर ₹10.79 हो गया है।

क्यों है यह खबर अहम?

यह मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और ₹10,400 करोड़ से अधिक की विशाल ऑर्डर बुक, टेलीकॉम और आईसीटी (ICT) सेक्टरों में RailTel की सेवाओं की मजबूत मांग का संकेत देती है, खासकर रेलवे के आधुनिकीकरण प्रोजेक्ट्स में। कंपनी का 100% डेट-फ्री (Debt-Free) स्टेटस भी इसकी वित्तीय सेहत के लिए एक सकारात्मक पहलू है।

कंपनी की अब तक की कहानी

RailTel लगातार अपने इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवाओं का विस्तार कर रही है। कंपनी डिजिटलाइजेशन और रेलवे के कम्युनिकेशन नेटवर्क को अपग्रेड करने पर फोकस कर रही है। कंपनी नोएडा में 10 MW का डेटा सेंटर भी स्थापित करने की योजना बना रही है।

अब आगे क्या?

रिकॉर्ड रेवेन्यू और ₹7,363 करोड़ के महत्वपूर्ण नए वर्क ऑर्डर के साथ, RailTel विस्तार के लिए तैयार है। कंपनी ने FY 2025-26 के लिए प्रति शेयर ₹3.25 का कुल डिविडेंड (Dividend) घोषित किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 13 अगस्त, 2026 है।

किन जोखिमों पर नज़र रखें?

RailTel ने FY 2025-26 के दौरान अपने बोर्ड कंपोजिशन और स्वतंत्र निदेशकों की संख्या से संबंधित मामूली गैर-अनुपालन का खुलासा किया है। हालांकि कंपनी रेलवे मंत्रालय के साथ इन मुद्दों को सुलझा रही है, यह संभावित गवर्नेंस (Governance) संबंधी चिंताओं को उजागर करता है। ऑडिटर की रिपोर्ट में रेवेन्यू रिकग्निशन, आकस्मिक देनदारियों (Contingent Liabilities) और अपेक्षित क्रेडिट लॉस (Expected Credit Loss) से संबंधित प्रमुख ऑडिट मामले बताए गए हैं।

आगे क्या देखें?

निवेशक बोर्ड कंपोजिशन के मुद्दे के समाधान, भविष्य में मिलने वाले नए ऑर्डर और नोएडा डेटा सेंटर प्रोजेक्ट की प्रगति पर नज़र रखेंगे। टेलीकॉम और प्रोजेक्ट सेगमेंट में कंपनी का प्रदर्शन प्रमुख संकेतक होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.