दिवालिया प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही Quadrant Televentures ने अपना सालाना रिजल्ट जारी किया है। कंपनी का नेट लॉस घटकर **₹23.30 करोड़** रह गया है, लेकिन ऑडिटर ने कंपनी के भविष्य पर गंभीर चिंताएं जाहिर की हैं।
मुनाफे और घाटे का गणित
कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹209.53 करोड़ रहा है। राहत की बात यह है कि पिछला सालाना घाटा ₹276.30 करोड़ था, जो इस बार कम होकर ₹23.30 करोड़ पर आ गया है। कंपनी ने अपने खर्चों में कटौती कर इस घाटे को कम किया है।
क्यों चिंता में हैं निवेशक?
कंपनी फिलहाल NCLT के आदेश के तहत कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में है। कंपनी की नेट वर्थ पूरी तरह से खत्म हो चुकी है और लोन रिपेमेंट में भी डिफॉल्ट हो रहा है। ऑडिटर M/s SGN & Co. ने अपनी रिपोर्ट में ₹58.49 करोड़ की फाइनेंस कॉस्ट न दिखा पाने और कई महत्वपूर्ण मीटिंग्स की जानकारी न मिलने पर आपत्ति जताई है।
आगे क्या होगा?
वर्तमान में, कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) चार रेजोल्यूशन प्लान्स पर बारीकी से विचार कर रही है। कंपनी का भविष्य अब इन योजनाओं के सफल कार्यान्वयन पर टिका है। शेयरधारकों को सलाह है कि वे आगामी 29 सितंबर, 2026 को होने वाली 79वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर नजर रखें, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी।
