सरकारी टेलीकॉम कंपनी MTNL पर संकट गहरा गया है। कंपनी ने **₹9,654.25 करोड़** के बैंक लोन डिफॉल्ट की जानकारी दी है। कंपनी पर कुल कर्ज का बोझ अब **₹37,475 करोड़** तक पहुंच चुका है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
भारी वित्तीय संकट का सामना
MTNL ने आधिकारिक रूप से बैंकों के प्रति अपनी देनदारियों में चूक (Default) की जानकारी दी है। 31 अगस्त, 2026 तक कंपनी का बकाया ब्याज ₹1,859.91 करोड़ और बकाया मूलधन (Principal) ₹2,195.72 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी जुलाई 2024 से ही लगातार लिक्विडिटी के गंभीर संकट से जूझ रही है।
बैंकों पर कितना जोखिम?
कंपनी के कुल कर्ज में ₹24,071 करोड़ के सॉवरेन गारंटी बॉन्ड्स शामिल हैं। बैंकों पर बकाया राशि का विवरण इस प्रकार है:
- Union Bank of India: ₹4,213.06 करोड़
- Indian Overseas Bank: ₹2,735.35 करोड़
- Bank of India: ₹1,272.47 करोड़
- Punjab National Bank: ₹528.26 करोड़
- State Bank of India: ₹395.08 करोड़
- UCO Bank: ₹302.56 करोड़
- Punjab and Sind Bank: ₹207.47 करोड़
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह
कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो इतना कम है कि वह अपने कर्ज का ब्याज चुकाने में भी अक्षम है। कंपनी ने पहले ₹3,750 करोड़ का कर्ज केवल बॉन्ड्स का ब्याज चुकाने के लिए लिया था, जो इसकी खराब वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। अब निवेशकों को सरकार (DoT) की ओर से किसी राहत पैकेज या डेट रिस्ट्रक्चरिंग प्लान की घोषणा का बेसब्री से इंतजार है।
