Mahanagar Telephone Nigam Ltd (MTNL) के लिए संकट गहरा गया है। कंपनी ने FY26 में **₹3,101.50 करोड़** का स्टैंडअलोन नेट लॉस दर्ज किया है। कंपनी की नेटवर्थ पूरी तरह खत्म हो चुकी है और अब कामकाज BSNL के भरोसे चल रहा है।
भारी वित्तीय संकट और बिगड़ती स्थिति
कंपनी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹3,323.51 करोड़ के घाटे के मुकाबले, इस बार कंपनी ने ₹3,101.50 करोड़ का नुकसान रिपोर्ट किया है। रेवेन्यू में भी गिरावट देखी गई है, जो ₹1,060.54 करोड़ से घटकर ₹887.27 करोड़ रह गया है। फिलहाल दिल्ली और मुंबई में कंपनी का टेलीकॉम कामकाज BSNL के मैनेजमेंट के जरिए चल रहा है।
ऑडिटर की कड़ी चेतावनी
कंपनी के इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स पर ऑडिटर्स ने 'एडवर्स ओपिनियन' (Adverse Opinion) दिया है। इसमें बिलिंग सॉफ्टवेयर की खामियों और एसेट कैपिटलाइजेशन प्रोसेस में कमजोरियों का हवाला दिया गया है। कंपनी की खराब स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सभी बैंक लोन अकाउंट्स अब NPA यानी नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स की श्रेणी में आ गए हैं।
एसेट मोनेटाइजेशन और भविष्य की राह
कंपनी अब अपनी संपत्तियों को बेचकर पैसा जुटाने की कोशिश कर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में जमीन और आवासीय इकाइयों को बेचकर ₹419.15 करोड़ जुटाए गए हैं, और अगले साल 16 और संपत्तियों को बेचने की योजना है। साथ ही, कर्ज के बोझ को कम करने और BSNL के साथ विलय की संभावनाओं पर सरकार के 'कमेटी ऑफ सेक्रेटरीज' के साथ बातचीत चल रही है।
निवेशकों के लिए चेतावनी यह है कि ₹36,314 करोड़ का कुल कर्ज और लगातार डिफॉल्ट्स कंपनी की वित्तीय सेहत को बेहद नाजुक बनाते हैं।
