इंडस टावर्स ने Q1 FY27 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू सालाना आधार पर **4.6%** बढ़कर **₹84.3 अरब** हो गया है। कंपनी अफ्रीका में विस्तार कर रही है और टावर एडिशन में भी प्रगति हुई है, हालांकि EBITDA मार्जिन पर मामूली असर पड़ा है।
कंपनी के नतीजे
इंडस टावर्स ने Q1 FY27 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 4.6% बढ़कर ₹84.3 अरब रहा। वहीं, कोर रेंटल रेवेन्यू में 5.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी ने इस तिमाही में 3,100 मैक्रो टावर और 4,200 कोलोकेशन जोड़े हैं।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
रेवेन्यू में यह बढ़ोतरी टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूत मांग को दर्शाती है। वहीं, अफ्रीका में विस्तार भविष्य के विकास के लिए एक नया रास्ता खोलता है। हालांकि, EBITDA मार्जिन में 53.6% तक की मामूली गिरावट आई है, जो कि सामान्य राइट-बैक और बैटरी बदलने के लिए बढ़े हुए मेंटेनेंस कैपेक्स के कारण है।
अफ्रीका में विस्तार
कंपनी नाइजीरिया, युगांडा और जाम्बिया में विस्तार की योजना पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। इसके लिए जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल और ऑपरेटिंग लाइसेंस भी मिल चुके हैं। कंपनी अगले तिमाही से अफ्रीका में अपना कामकाज शुरू करने की उम्मीद कर रही है।
कंपनी के अंदरूनी बदलाव
इसके अलावा, कंपनी के CFO विकास पोद्दार पांच साल बाद अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। उनके उत्तराधिकारी की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
जोखिम के पहलू
आगे चलकर, एनर्जी मार्जिन में मौसमी उतार-चढ़ाव, लीन टावरों की ओर शिफ्ट होने वाले प्रोडक्ट मिक्स का प्रभाव, और बैटरी सप्लाई में संभावित बाधाएं प्रमुख जोखिम हैं। मैनेजमेंट का अनुमान है कि अगस्त से बैटरी सप्लाई में सुधार होगा।
आगे क्या देखें?
निवेशक अफ्रीका विस्तार योजना के अमल, CFO के बदलाव के असर और लिथियम-आयन बैटरी बदलने के प्रोग्राम की लागत-प्रभावशीलता पर नजर रखेंगे। टेनेंसी रेशियो की स्थिरता और ऑर्डर बुक की विजिबिलिटी भी अहम संकेत होंगे।
