Indus Towers ने FY26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **7.9%** बढ़कर **₹32,493.1 करोड़** हो गया है। लेकिन, पिछले साल के हाई बेस इफेक्ट के चलते नेट प्रॉफिट में **28.1%** की बड़ी गिरावट आई है और यह **₹7,144.9 करोड़** पर आ गया है। कंपनी अफ्रीका में विस्तार कर रही है और उसने अपना कर्ज भी घटाया है।
Detailed Coverage
Indus Towers का FY26 प्रदर्शन: रेवेन्यू में उछाल, मुनाफे में गिरावट
Indus Towers के FY26 के नतीजों के मुताबिक, कंपनी का रेवेन्यू 7.9% बढ़कर ₹32,493.1 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल ₹30,122.8 करोड़ था। हालांकि, EBITDA 13.8% घटकर ₹17,975.6 करोड़ पर आ गया। वहीं, नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 28.1% की भारी गिरावट आई और यह ₹7,144.9 करोड़ रहा।
प्रॉफिट क्यों गिरा?
कंपनी के मुनाफे में गिरावट की मुख्य वजह पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) में एक बड़े ग्राहक से हुई एकमुश्त बकाया वसूली है। इस वजह से FY25 का प्रॉफिट असामान्य रूप से बढ़ा हुआ दिख रहा था, जिसे 'हाई बेस इफेक्ट' कहा जाता है। इस एकमुश्त राशि को हटा दें तो कंपनी का अंडरलाइंग परफॉरमेंस (Underlying Performance) मजबूत माना जा रहा है।
कंपनी का विस्तार और कर्ज में कमी
इस बीच, Indus Towers अपने ऑपरेशन्स का विस्तार कर रही है। कंपनी ने नाइजीरिया, युगांडा और जाम्बिया के लिए ऑपरेटिंग लाइसेंस हासिल कर लिए हैं। इसके अलावा, कंपनी ने सफलतापूर्वक अपना कर्ज भी चुकाया है, जिसमें सभी बकाया NCDs (Non-Convertible Debentures) का रिडेम्पशन (Redemption) शामिल है।
आगे क्या?
कंपनी के बोर्ड ने ₹14 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की सिफारिश की है। निवेशकों की नजर अब अफ्रीका में कंपनी के विस्तार की प्रगति और उसके प्रमुख टेलीकॉम क्लाइंट्स (Telecom Clients) के वित्तीय स्वास्थ्य पर रहेगी। साथ ही, कर्ज कम होने का फाइनेंस कॉस्ट (Finance Cost) और बैलेंस शीट की मजबूती पर पड़ने वाले असर पर भी पैनी नजर रहेगी।
