Hathway Cable & Datacom ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹10.16 करोड़** रह गया है। साथ ही, टेलीकॉम विभाग (DOT) की ओर से आए **₹3,201.93 करोड़** के बड़े डिमांड नोटिस ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
मुनाफे में क्यों आई सुस्ती?
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू मामूली बढ़कर ₹567.51 करोड़ रहा, लेकिन कंपनी का खर्च बढ़कर ₹582.89 करोड़ तक पहुंच गया। नतीजतन, जून तिमाही के ₹24.56 करोड़ के मुकाबले कंपनी का नेट प्रॉफिट घटकर ₹10.16 करोड़ पर सिमट गया है।
DOT का नोटिस और लीगल बैटल
मुनाफे में गिरावट के अलावा, निवेशकों की नजर DOT द्वारा भेजे गए डिमांड नोटिस पर है। कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2006 से 2021 तक की लाइसेंस फीस के लिए ₹3,201.93 करोड़ का शो-कॉज नोटिस मिला है।
कंपनी का मैनेजमेंट इस मामले में सरकार के सामने अपनी बात रख रहा है। कानूनी विशेषज्ञों से मिली सलाह के आधार पर, Hathway ने फिलहाल इस राशि के लिए अपनी बुक्स में कोई प्रोविजन (Provision) नहीं किया है। कंपनी को भरोसा है कि वह इस कानूनी लड़ाई में अपना पक्ष मजबूती से रख पाएगी।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि कंपनी ने अभी कोई वित्तीय प्रावधान नहीं किया है, लेकिन ₹3,200 करोड़ की यह राशि कंपनी के मौजूदा मुनाफे के मुकाबले बहुत बड़ी है। अगर अदालती फैसला या रेगुलेटरी परिणाम कंपनी के खिलाफ जाता है, तो इसके बैलेंस शीट पर गंभीर असर पड़ सकता है। आगामी समय में कानूनी अपडेट्स और मार्जिन में सुधार पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है।
