HFCL लिमिटेड ने रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) से उत्तर प्रदेश में भारतनेट फेज-III प्रोजेक्ट के लिए ₹2,666.09 करोड़ का एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट जीता है। इस डील में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के साथ 10 साल का मेंटेनेंस भी शामिल है, जिससे कंपनी को लंबी अवधि में अच्छी कमाई की उम्मीद है।
HFCL की झोली में ₹2,666 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट!
टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी HFCL लिमिटेड ने रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) से एक ज़बरदस्त कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। यह डील उत्तर प्रदेश (पश्चिम) टेलीकॉम सर्कल में भारतनेट फेज-III प्रोजेक्ट के लिए है और इसकी कुल वैल्यू ₹2,666.09 करोड़ है।
ये डील क्यों खास है?
इस कॉन्ट्रैक्ट में दो मुख्य हिस्से हैं: ₹1,192.82 करोड़ कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) के लिए और ₹1,473.27 करोड़ ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर (Opex) के लिए। सबसे खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में 10 साल की मेंटेनेंस अवधि भी शामिल है। इससे HFCL को न सिर्फ प्रोजेक्ट के लागू होने के दौरान बल्कि उसके बाद भी लंबे समय तक कमाई की एक स्थिर धारा (stable revenue stream) मिलती रहेगी, जो निवेशकों के लिए एक पॉजिटिव संकेत है।
पिछला रिकॉर्ड भी शानदार
यह पहली बार नहीं है जब HFCL ने RVNL से बड़ा ऑर्डर जीता है। इससे पहले, 23 जनवरी 2025 को भी कंपनी ने RVNL से ₹2,167.65 करोड़ का एक ऐसा ही प्रोजेक्ट जीता था। यह लगातार जीत सरकारी कंपनियों से बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल करने में HFCL की मजबूत पकड़ को दिखाती है, खासकर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में।
आगे क्या होगा?
कंपनी अब अगले 2 सालों में उत्तर प्रदेश (पश्चिम) में भारतनेट फेज-III प्रोजेक्ट को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। साथ ही, 10 साल वाली मेंटेनेंस सर्विस से भी कमाई शुरू हो जाएगी, जिससे कंपनी की आवर्ती आय (recurring income) में बढ़ोतरी होगी।
जोखिम पर भी नज़र
हालांकि, कंपनी को यह प्रोजेक्ट निर्धारित 2 साल की अवधि में पूरा करना होगा और 10 साल की मेंटेनेंस सेवाओं को कुशलता से डिलीवर करना होगा। किसी भी तरह की देरी या लागत में बढ़ोतरी से मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
भविष्य में क्या देखें?
निवेशकों को अब कंपनी के प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की प्रगति और Capex व Opex दोनों से होने वाली आय पर नज़र रखनी चाहिए। बड़े प्रोजेक्ट्स को कुशलतापूर्वक मैनेज करने की HFCL की क्षमता महत्वपूर्ण साबित होगी।
