eYantra Ventures का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फाइनेंशियल ईयर 2026 में **188%** बढ़कर **₹94.22 करोड़** पर पहुंच गया है। हालांकि, एआई और हेल्थकेयर सेक्टर में भारी निवेश के चलते कंपनी को **₹4.75 करोड़** का नेट लॉस हुआ है।
मुनाफे से घाटे का सफर
eYantra Ventures ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए जो नतीजे पेश किए हैं, उसमें टॉप-लाइन ग्रोथ तो शानदार रही, लेकिन बॉटम-लाइन पर दबाव साफ दिखा। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹32.70 करोड़ से बढ़कर ₹94.22 करोड़ हो गया। वहीं, पिछले साल के मुनाफे के उलट इस बार कंपनी को ₹4.75 करोड़ का नेट लॉस उठाना पड़ा है। हालांकि, स्टैंडअलोन स्तर पर कंपनी ने ₹26.53 लाख का छोटा सा मुनाफा जरूर दर्ज किया है।
क्यों हुआ घाटा?
कंपनी फिलहाल एक 'इन्वेस्टमेंट फेज' में है। मर्चेंडाइजिंग बिजनेस, जिसने 183% की सालाना ग्रोथ के साथ ₹53.5 करोड़ का रेवेन्यू दिया है, कंपनी का मुख्य सहारा बना हुआ है। इसके साथ ही, कंपनी ने 'AgentIQ' और 'VisionIQ' जैसे एआई प्लेटफॉर्म्स पर भारी पैसा खर्च किया है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि अभी उनका ध्यान मुनाफा कमाने के बजाय मार्केट शेयर हासिल करने और टेक्नोलॉजी को मजबूत करने पर है।
अहम फैसले और मैनेजमेंट में बदलाव
बोर्ड ने नकदी बचाने के उद्देश्य से इस बार कोई डिविडेंड (Dividend) नहीं देने का फैसला किया है। इसके अलावा, कंपनी अपनी सब्सिडियरी Prismberry Technologies का अपने साथ मर्जर करेगी, जो NCLT की मंजूरी के अधीन है। कॉर्पोरेट लेवल पर बदलाव करते हुए Rahul Rasa को एडिशनल डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि Anajana Ramesh Thakker ने इस्तीफा दे दिया है।
निवेशकों के लिए आगे की राह
निवेशकों को अब आने वाली तिमाहियों में कंपनी के मार्जिन रिकवरी पर नजर रखनी चाहिए। फिलहाल कंपनी का पूरा जोर बिजनेस को स्केल करने पर है, और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये भारी निवेश कब से मुनाफे में तब्दील होते हैं।
