eMudhra Limited को Global Legal Entity Identifier Foundation की ओर से बड़ा काम मिला है। अब कंपनी LEIL के लिए एक 'वैलीडेशन एजेंट' (Validation Agent) के रूप में काम करेगी, जिससे कॉर्पोरेट क्लाइंट्स के लिए LEI आवेदन और रिन्यूअल की प्रक्रिया बेहद आसान हो जाएगी।
डिजिटल पहचान में मिली बड़ी उपलब्धि
eMudhra अब सीधे तौर पर लीगल एंटिटी आइडेंटिफायर (LEI) जारी करने और रिन्यू करने की सुविधा अपने प्लेटफॉर्म पर देगी। यह कंपनी के डिजिटल पहचान और ऑनबोर्डिंग इकोसिस्टम के लिए एक बड़ा कदम है। यह पार्टनरशिप Clearing Corporation of India Limited (CCIL) की सहायक कंपनी LEIL के साथ हुई है, जो भारत में एकमात्र RBI-मान्यता प्राप्त LEI जारीकर्ता है।
क्लाइंट्स को क्या फायदा होगा?
भारतीय कंपनियों के लिए रेगुलेटरी कंप्लायंस (Regulatory Compliance) पूरा करना काफी जटिल काम होता है। eMudhra अब इस पूरी प्रक्रिया को ऑटोमेट कर देगी, जिससे कंपनियों को बार-बार वेरिफिकेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे eMudhra अपने BFSI क्लाइंट्स के साथ रिश्तों को और अधिक मजबूत (Stickiness) कर पाएगी।
मार्केट का बढ़ता दायरा
भारत में LEI का चलन तेजी से बढ़ रहा है। सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities), मनी मार्केट और डेरिवेटिव्स के लिए RBI की अनिवार्य शर्तों के कारण भारत में एक्टिव LEIs की संख्या दुनिया में सबसे अधिक है। इस डिमांड को भुनाने के लिए eMudhra अब अपनी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा इस्तेमाल करेगी।
मैनेजमेंट की राय
eMudhra के को-फाउंडर कौशिक श्रीनिवासन ने इसे कंपनी के 'सर्टिफाइंग अथॉरिटी' रोल का एक नेचुरल विस्तार बताया है। उनका मानना है कि यह ग्राहकों के लिए एक सीमलेस अनुभव तैयार करेगा। वहीं, GLEIF के CEO अलेक्जेंड्रे केच का कहना है कि यह साझेदारी ग्लोबल ट्रांसपेरेंसी को बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि यह नया इंटीग्रेशन कंपनी के क्लाइंट ऑनबोर्डिंग वॉल्यूम को कितना और किस गति से बढ़ाता है।
