eClerx Services ने लगातार 13वीं तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो बढ़कर **USD 127.7 मिलियन** पहुंच गया है। कंपनी के मार्जिन में सुधार तो दिखा है, लेकिन मैनेजमेंट ने AI पर खर्च और वेज हाइक (Wage Hike) के चलते भविष्य में कॉस्ट प्रेशर के संकेत दिए हैं।
नतीजों का लेखा-जोखा
eClerx Services का प्रदर्शन लगातार मजबूत बना हुआ है। कंपनी ने USD 127.7 मिलियन का ऑपरेटिंग रेवेन्यू हासिल किया है, जो साल-दर-साल (YoY) 10.6% की बढ़ोतरी दर्शाता है। वहीं, अगर हम कांस्टेंट करेंसी (Constant Currency) आधार पर देखें, तो यह ग्रोथ 12.9% रही। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) INR 1,804 मिलियन दर्ज किया गया, जिसका मार्जिन 14.9% रहा।
मार्जिन और ऑपरेशनल सुधार
कंपनी ने तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर अपने ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन को 90 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 23.9% पर पहुँचाया है। इसका मुख्य श्रेय विदेशी मुद्रा के उतार-चढ़ाव और डिलीवरी कॉस्ट को ऑप्टिमाइज़ करने को जाता है। कंपनी के एनालिटिक्स और ऑटोमेशन सेगमेंट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 27% YoY की ग्रोथ दिखाई है, जो अब कुल रेवेन्यू का 20% हिस्सा बन चुका है।
क्या हैं निवेशकों के लिए रिस्क?
निवेशकों को अब कुछ अहम चुनौतियों पर नज़र रखनी होगी:
- डील में देरी: क्लाइंट्स अब अपना बजट AI एक्सपेरिमेंटेशन पर खर्च कर रहे हैं, जिससे नए सौदों को फाइनल करने में देरी हो रही है।
- बढ़ते खर्चे: मुंबई और पुणे में नई फैसिलिटीज शुरू होने से डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन (D&A) खर्च बढ़ेगा। इसके अलावा, प्रोविडेंट फंड (PF) वेज सीलिंग में बदलाव से अगले कुछ क्वार्टर्स में मार्जिन पर 20 बेसिस पॉइंट्स का दबाव आ सकता है।
- BFSI सेगमेंट: बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में रिकवरी की उम्मीद अब Q3 से टलकर Q4 तक चली गई है।
मैनेजमेंट का पूरा जोर मौजूदा डील पाइपलाइन को जल्दी कन्वर्ट करने और पिछले साल के एनुअल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (ACV) आंकड़ों को पार करने पर है।
