Xtranet Technologies ने बतौर लिस्टेड कंपनी अपना पहला फाइनेंशियल ईयर शानदार तरीके से पूरा किया है। कंपनी के रेवेन्यू में **32.31%** की उछाल आई है और यह **₹365.29 करोड़** तक पहुंच गया है, साथ ही कंपनी के पास **₹373 करोड़** की मजबूत ऑर्डर बुक है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 35.60% बढ़कर ₹40.73 करोड़ रहा। कंपनी का EBITDA मार्जिन 17.30% पर स्थिर बना हुआ है, जो इसके ऑपरेशनल सुधार को दर्शाता है।
क्यों है ये नतीजे खास?
कंपनी के मुख्य बिजनेस वर्टिकल, 'मैनेज्ड सर्विसेज' (Managed Services) ने 39% की ग्रोथ दिखाई है, जो कुल रेवेन्यू में 40% से ज्यादा का योगदान दे रहे हैं। 30 जून, 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक ₹373 करोड़ की रही, जिसमें से करीब 55% कॉन्ट्रैक्ट्स चालू फाइनेंशियल ईयर में पूरे होने की उम्मीद है।
क्या है लीगल पेंच और रिस्क?
ऑडिटर्स ने MSMED एक्ट, 2006 के तहत एक एकाउंटिंग ट्रीटमेंट पर सवाल उठाए हैं। कंपनी ने ₹2.69 करोड़ की ब्याज देनदारी को अभी अपनी बुक्स में नहीं दिखाया है क्योंकि वे खुद ₹25.84 करोड़ की वसूली के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। इस केस का फैसला कंपनी के आने वाले नतीजों के लिए काफी अहम होगा। इसके अलावा, सरकारी और PSU टेंडर्स पर कंपनी की अधिक निर्भरता भी एक जोखिम है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
